
नागपुर : इबादत के साथ शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने की मिसाल अकोला की आजाद हाउसिंग सोसायटी स्थित आजाद कॉलोनी मस्जिद में देखने को मिली। यहां विद्यार्थियों के लिए स्टडी रूम और लाइब्रेरी शुरू की गई। शनिवार, 24 अक्टूबर को सीजीएसटी कोलकाता के कमिश्नर एवं आईआरएस अधिकारी निखिल मेश्राम के हाथों इसका उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भी निखिल मेश्राम ने की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और समाज के लोग उपस्थित रहे।
इस शैक्षणिक पहल को साकार करने में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अकोला शहर अध्यक्ष एवं पार्षद रफीक सिद्दीकी की प्रमुख भूमिका रही। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना और समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
अब तक 50 स्टडी रूम शुरू करने में योगदान
कार्यक्रम के अध्यक्ष निखिल मेश्राम ने बताया कि वे अब तक 50 स्टडी रूम शुरू करने में योगदान दे चुके हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे इधर-उधर समय बिताने के बजाय स्टडी रूम में आकर पढ़ाई करें और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा जीवन में तरक्की का सबसे मजबूत रास्ता है। आज के दौर में बेहतर भविष्य बनाने और दुनिया के साथ कदम मिलाकर चलने के लिए विद्यार्थियों को शिक्षा हासिल करना बेहद जरूरी है। ऐसे अध्ययन केंद्र विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने में मदद कर सकते हैं।
दीन के साथ आधुनिक शिक्षा भी जरूरी : सुदर्शन पाटिल
अकोला के उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुदर्शन पाटिल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अन्य मस्जिदों और मदरसों में भी विद्यार्थियों के लिए स्टडी सेंटर और लाइब्रेरी शुरू की जानी चाहिए। इससे जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाई के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
उन्होंने कहा कि दीन के साथ आधुनिक शिक्षा भी जरूरी है। ऐसे प्रयास विद्यार्थियों के ज्ञान और आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ समाज के भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
जरूरतमंद विद्यार्थियों को मिलेगा बेहतर माहौल : दिगंबर लोखंडे
जिला परिषद, अकोला के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिगंबर लोखंडे ने भी इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यदि समाज के लोग और धार्मिक संस्थाएं शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आगे आती रहें, तो शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाया जा सकता है।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि महानगरपालिका और जिला परिषद के स्कूलों में पढ़ने वाले आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को ऐसे स्टडी रूम से पढ़ाई के लिए बेहतर स्थान और सुविधाएं मिल सकती हैं। इससे उन्हें पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने और भविष्य में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
इस्लाम में ज्ञान हासिल करने पर विशेष जोर : मौलवी अब्दुल जब्बार
कार्यक्रम में मौलवी अब्दुल जब्बार साहब ने कहा कि इस्लाम में इल्म यानी ज्ञान हासिल करने पर विशेष जोर दिया गया है। शिक्षा हर समाज के विकास के लिए जरूरी है। सभी धर्मों के लोगों को साथ लेकर ज्ञान हासिल करना और शिक्षा को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से आपसी सद्भाव, भाईचारे और सामाजिक प्रगति को मजबूत किया जा सकता है। धार्मिक स्थलों के माध्यम से शिक्षा को प्रोत्साहित करने की ऐसी पहल समाज के लिए प्रेरणादायक है।
गणमान्य व्यक्तियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में पूर्व सत्र न्यायाधीश मंजूर नदीम, आईएएस अनिता ताई मेश्राम, सहायक भविष्य निधि आयुक्त डॉ. मनीष घनबहादुर, असिस्टेंट फाइनेंस ऑफिसर यूसुफ इमाम शेख, मुफ्ती वसीम साहब, समाजसेवक मोहीन खान और देवानन्द ताले सहित बड़ी संख्या में नगरसेवक एवं समाज के प्रतिष्ठित व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान मस्जिद ट्रस्ट की ओर से आमंत्रित अतिथियों का सत्कार किया गया। कार्यक्रम का संचालन जावेद जकरिया ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन जवाद सर ने किया। रफीक सिद्दीकी ने आयोजन की सफलता के लिए सभी अतिथियों, नागरिकों और मस्जिद ट्रस्ट के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मस्जिद ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने दिया सहयोग
इस शैक्षणिक उपक्रम में ट्रस्ट के अध्यक्ष मोहम्मद रफीक सिद्दीकी, उपाध्यक्ष ताज मोहम्मद शेख, सचिव मोहम्मद फारूक, कोषाध्यक्ष राशिद देशमुख तथा सदस्य मसूद अंसारी, रियाज अहमद, डॉ. जुबैर नदीम, मोहम्मद यहिया और शमशुल्लाह खान ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
आजाद कॉलोनी मस्जिद में स्टडी रूम और लाइब्रेरी की शुरुआत धार्मिक स्थलों के माध्यम से शिक्षा को बढ़ावा देने की एक सराहनीय पहल है। इससे विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिलने की उम्मीद है। ऐसी पहल शिक्षा के प्रसार, सामाजिक सद्भाव और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।



