
नागपुर के चर्चित Meditrina Institute of Medical Sciences में चल रहे कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले ने अब बड़ा कानूनी मोड़ ले लिया है। अस्पताल का संचालन करने वाली वीआरजी हेल्थ केयर कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक Dr. Sameer Paltewar को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) की मुंबई पीठ ने निदेशक मंडल से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद नागपुर के मेडिकल और कॉर्पोरेट जगत में हड़कंप मच गया है।
एनसीएलटी की न्यायिक सदस्य Lakshmi Gurung और तकनीकी सदस्य Hariharan Iyer की पीठ ने मामले से जुड़ी प्रशासक रिपोर्ट, पुलिस शिकायतों और कंपनी दस्तावेजों की विस्तृत जांच की। सुनवाई के बाद ट्रिब्यूनल ने कहा कि अंतिम निर्णय आने तक डॉ. समीर पालतेवार को कंपनी के निदेशक मंडल से दूर रखना आवश्यक है।
डॉ. अमृता शर्मा को भी प्रशासनिक कार्यों से दूर रहने का आदेश
मामले में पहले से निलंबित मुख्य परिचालन अधिकारी Dr. Amrita Sharma पर भी NCLT ने सख्त टिप्पणी की है। न्यायाधिकरण ने कहा कि वह डॉ. पालतेवार के निर्देशों पर काम कर रही थीं और प्रशासक के आदेशों की अवमानना करते हुए कंपनी के संचालन में बाधा उत्पन्न कर रही थीं।
ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में कहा कि दोनों अधिकारियों के कारण कंपनी में “पूर्ण गतिरोध” की स्थिति बन गई थी, जिससे अस्पताल का संचालन गंभीर रूप से प्रभावित हुआ। न्यायाधिकरण ने इसे कंपनी और उसके हितों के लिए “हानिकारक” और “गंभीर रूप से प्रतिकूल” बताया।
बैंक खाते फ्रीज, कर्मचारियों का वेतन अटका, मरीजों की संख्या घटी
कंपनी के प्रमुख भागीदार और याचिकाकर्ता Ganesh Chakkarwar ने कंपनी को बचाने के उद्देश्य से यह याचिका दायर की थी। याचिका में दावा किया गया कि प्रभावी निदेशक मंडल नहीं होने के कारण कंपनी गहरे वित्तीय संकट में पहुंच गई है।
जानकारी के अनुसार कंपनी के बैंक खाते फ्रीज हो चुके हैं, कर्मचारियों के वेतन लंबित हैं और अस्पताल की व्यवस्थाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। अस्पताल में मरीजों की संख्या में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है।
स्थिति को संभालने के लिए NCLT ने गणेश चक्करवार को मेडिकल क्षेत्र के अनुभवी और योग्य व्यक्ति को निदेशक मंडल में शामिल करने की अनुमति भी दी है।
30 जून को होगी अगली सुनवाई
इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई अब 30 जून को होगी। नागपुर के मेडिकल सेक्टर और कॉर्पोरेट जगत की नजरें इस केस पर टिकी हुई हैं, क्योंकि आने वाला फैसला मेडिट्रिना अस्पताल के भविष्य पर बड़ा असर डाल सकता है।








