नागपुर: नागपुर के नंदनवन थाना क्षेत्र के हिवरी नगर में रविवार को एक बंद मकान से उठ रही तेज बदबू ने ऐसी सच्चाई उजागर की, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। घर का दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची पुलिस को मां और बेटी के सड़े-गले शव मिले। भीषण गर्मी के कारण शवों की हालत बेहद खराब हो चुकी थी, जिससे इलाके में दहशत और सनसनी फैल गई।
मृतकों की पहचान 65 वर्षीय लालवंती टेकचंद चावला और उनकी 50 वर्षीय बेटी योगिता चावला के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार दोनों पिछले 15 से 16 वर्षों से एलआईजी कॉलोनी स्थित किराए के मकान में रह रही थीं। रविवार दोपहर मकान से लगातार तेज दुर्गंध आने पर मकान मालिक राधेश्याम आहूजा को संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस को मकान अंदर से बंद मिला। दरवाजा तोड़कर जब टीम भीतर दाखिल हुई तो कमरे में पड़े दोनों शव देखकर सभी स्तब्ध रह गए। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि मौत कई दिन पहले हो चुकी थी।
जांच में सामने आया है कि लालवंती के पति का वर्षों पहले बीमारी से निधन हो चुका था, जबकि योगिता भी विधवा थी। बताया जा रहा है कि योगिता मानसिक रूप से अस्वस्थ थी और मां-बेटी बेहद तंगहाल और अकेलेपन में जीवन गुजार रही थीं। पड़ोसियों के मुताबिक दोनों का लोगों से बहुत कम संपर्क था और वे ज्यादातर समय घर के भीतर ही रहती थीं।
फिलहाल पुलिस ने हत्या या किसी बाहरी साजिश की आशंका से इनकार किया है, क्योंकि मकान अंदर से बंद था। मौके से आत्महत्या से जुड़ा कोई सबूत भी नहीं मिला है। आशंका जताई जा रही है कि भीषण गर्मी, खराब स्वास्थ्य और लंबे समय तक किसी की मदद न मिलने के कारण दोनों की मौत हुई होगी। हालांकि, मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। फॉरेंसिक टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटा लिए हैं और हर एंगल से जांच जारी है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नंदनवन क्षेत्र में कुछ ही दिनों के भीतर मां-बेटी की मौत का यह तीसरा मामला सामने आया है। इससे पहले दर्शन कॉलोनी में मां-बेटी ने कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या की थी, जबकि बाबा गाडगे नगर में भी मां-बेटी मृत अवस्था में मिली थीं। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने इलाके में डर और कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नंदनवन पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।








