
नागपुर: नागपुर के आधे शहर की प्यास बुझाने वाली जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़े गोरेवाड़ा तालाब की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। तालाब परिसर में शराब की खाली बोतलें और ताश के पत्ते बिखरे मिलने के बाद यहां असामाजिक गतिविधियों की आशंका जताई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि परिसर में मनपा की ओर से सुरक्षा व्यवस्था का बोर्ड लगाया गया है, लेकिन मौके पर दिखाई देने वाली स्थिति निगरानी के दावों पर सवाल खड़े करती है।
नागपुर टुडे की टीम ने मौके पर लिया जायजा
नागपुर टुडे की टीम ने गोरेवाड़ा तालाब परिसर का जायजा लिया। इस दौरान वहां शराब की खाली बोतलें और ताश के पत्ते बिखरे दिखाई दिए। परिसर में इस तरह की सामग्री मिलने से यह सवाल उठता है कि आखिर यहां नियमित निगरानी किस स्तर पर की जा रही है।
यदि तालाब परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी की नियमित व्यवस्था है, तो इस तरह की सामग्री वहां कैसे पहुंची? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी है या निगरानी व्यवस्था में कहीं कमी रह गई है? इन सवालों के जवाब मिलना जरूरी है।
हालांकि, मौके पर मिली सामग्री के आधार पर किसी विशेष गैरकानूनी गतिविधि की पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन यह स्थिति सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत जरूर दर्शाती है।
बोर्ड लगा है, नाव भी मौजूद; फिर निगरानी कहां?
तालाब परिसर में मनपा की ओर से सुरक्षा व्यवस्था का उल्लेख करने वाला बोर्ड लगाया गया है। वहां नाव भी मौजूद है। इसके बावजूद परिसर में शराब की खाली बोतलें और ताश के पत्ते मिलने से सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।
किसी महत्वपूर्ण जलस्रोत की सुरक्षा केवल बोर्ड लगाने या नाव उपलब्ध कराने से सुनिश्चित नहीं होती। इसके लिए नियमित गश्त, प्रभावी निगरानी और जिम्मेदार कर्मचारियों की सक्रिय मौजूदगी जरूरी है।
अब सवाल यह है कि गोरेवाड़ा तालाब परिसर में निगरानी की वास्तविक स्थिति क्या है और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए मनपा की ओर से कौन से कदम उठाए जा रहे हैं?
शहर की जलापूर्ति से जुड़ा अहम जलस्रोत
गोरेवाड़ा तालाब केवल घूमने-फिरने की जगह नहीं है, बल्कि नागपुर की जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण जलस्रोत है। ऐसे स्थान की सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है।
तालाब परिसर में संदिग्ध गतिविधियों की आशंका को देखते हुए नियमित निगरानी बढ़ाने, परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित करने और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की आवश्यकता है।
मनपा की जवाबदेही तय होना जरूरी
गोरेवाड़ा तालाब परिसर में मिली शराब की खाली बोतलों और ताश के पत्तों ने मनपा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जरूरत है कि संबंधित अधिकारी मौके की स्थिति की जांच करें और निगरानी व्यवस्था में यदि कोई कमी है, तो उसे दूर करने के लिए ठोस कदम उठाएं।
सबसे बड़ा सवाल यही है: जब गोरेवाड़ा तालाब नागपुर की जलापूर्ति के लिए इतना महत्वपूर्ण है, तो उसकी सुरक्षा और निगरानी को लेकर लापरवाही की गुंजाइश कैसे रह सकती है?
टुडे स्पेशल स्टोरी | पारस बैसवारे



