
नागपुर: OBC समाज की विभिन्न मांगों को सरकारी निर्णयों, बजट प्रावधानों और समयबद्ध क्रियान्वयन में बदलने की जरूरत पर जोर दिया गया है। विदर्भ OBC समन्वय परिषद की ओर से रविभवन स्थित परिषद सभागृह में OBC संकल्प सभा के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में पत्रकार परिषद आयोजित की गई। इसमें राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर ठोस कार्यदिशा तय करने पर चर्चा हुई।
‘गणना, क्रियान्वयन और जवाबदेही’ पर जोर
पत्रकार परिषद में OBC समाज से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाने के लिए तीन प्रमुख विषयों — गणना, क्रियान्वयन और जवाबदेही — को केंद्र में रखा गया। परिषद ने कहा कि समाज की मांगें केवल बैठकों और चर्चाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें सरकारी निर्णयों और योजनाओं के माध्यम से लागू किया जाना चाहिए।
इस दौरान मांगों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक बजट प्रावधान, प्रशासनिक जिम्मेदारियों और निर्धारित समयसीमा पर भी जोर दिया गया।
राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ प्रशासनिक जवाबदेही जरूरी
परिषद का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों और समाज के प्रतिनिधियों के बीच हुई चर्चा से सामने आए संकल्पों तथा आगामी कार्ययोजना को मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचाना था।
परिषद के प्रतिनिधियों ने कहा कि OBC समाज की मांगों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ प्रशासनिक स्तर पर भी स्पष्ट जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। सरकारी स्तर पर लिए जाने वाले निर्णयों का निर्धारित समय में क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
समाज की मांगों पर ठोस निर्णय की अपेक्षा
इस अवसर पर डॉ. अमोल रणजीतबाबू देशमुख, एड. अशोक यावले और सुरेश वर्षे सहित विदर्भ OBC समन्वय परिषद के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
परिषद ने OBC समाज से जुड़े मुद्दों पर ठोस निर्णय लेने, आवश्यक निधि उपलब्ध कराने और तय समयसीमा के भीतर योजनाओं को लागू करने की दिशा में पहल करने की मांग पर जोर दिया।
पत्रकार परिषद के माध्यम से परिषद ने स्पष्ट किया कि समाज की मांगों को वास्तविक परिणामों में बदलने के लिए निर्णय प्रक्रिया, वित्तीय प्रावधान और क्रियान्वयन की जवाबदेही को एक साथ आगे बढ़ाना आवश्यक है।



