
नागपुर– मैट्रिमोनियल साइट पर दोस्ती, विदेशी कारोबार का रुतबा और शादी का सपना दिखाकर महिला से लाखों रुपए ऐंठने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का अपराध शाखा यूनिट-3 और साइबर क्राइम टीम ने पर्दाफाश किया है। आरोपियों ने खुद को विदेशी कारोबारी बताकर महिला को अपने जाल में फंसाया और बाद में ‘दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम ने पकड़ लिया’ का बहाना बनाकर अलग-अलग कारणों से करीब 20 लाख रुपए वसूल लिए। पुलिस ने गुजरात के सात आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके कब्जे से 18.45 लाख रुपए का माल जब्त किया है। गिरोह के तार हवाला नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका भी जताई जा रही है।
मैट्रिमोनियल साइट से शुरू हुई दोस्ती
गणेशपेठ पुलिस थाने में दर्ज शिकायत की जांच के दौरान इस गिरोह का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, पीड़ित महिला ने मैट्रिमोनियल साइट पर अपना प्रोफाइल बनाया था। इसी दौरान 17 सितंबर को एक अज्ञात व्यक्ति ने उसे फोन किया। बातचीत बढ़ने के साथ आरोपी ने महिला से दोस्ती कर ली। उसने खुद को सोने और मॉल के कारोबार से जुड़ा कारोबारी बताया। आरोपी ने ब्रिटेन में कपड़ों का मॉल होने और भारत में भी कारोबार करने की बात कहकर महिला का भरोसा जीत लिया।
कुछ समय बाद आरोपी ने महिला से शादी करने और भारत में ही बसने की इच्छा जताई। बातचीत के दौरान उसने महिला को विश्वास दिलाया कि वह उसके लिए बड़ी मात्रा में सोना और विदेशी मुद्रा लेकर भारत आ रहा है।
70 तोला सोना और 70 हजार डॉलर की कहानी
आरोपी ने महिला से कहा कि वह अपने साथ 70 तोला सोना और 70 हजार अमेरिकी डॉलर लेकर भारत आ रहा है। कुछ समय बाद अचानक उसका फोन आया। उसने बताया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों ने उसे पकड़ लिया है और सोना व डॉलर छुड़ाने के लिए 13 लाख 92 हजार रुपए जमा करने होंगे।
शादी और विदेशी दूल्हे के सपने में उलझी महिला आरोपी की बातों में आती गई। इसके बाद आरोपी ने अलग-अलग बहाने बनाकर उससे बार-बार रकम मंगवाई। कभी कस्टम की कार्रवाई तो कभी अन्य खर्चों का हवाला देकर उससे करीब 20 लाख रुपए ऐंठ लिए गए।
साइबर टीम ने खंगाला पूरा नेटवर्क
लगातार रकम देने के बाद जब महिला को ठगी का एहसास हुआ तो उसने पुलिस से शिकायत की। मामला सामने आते ही अपराध शाखा यूनिट-3 और साइबर टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी सुरागों के आधार पर पुलिस ने गिरोह के सदस्यों की गतिविधियों पर नजर रखी।
जांच के दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता को साथ लेकर आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। ठगी की अगली वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे छह आरोपियों को वर्धमान नगर स्थित एक बंगले से हिरासत में लिया गया, जबकि एक आरोपी को मुंबई से पकड़ा गया।
कार, दोपहिया और मोबाइल जब्त
पुलिस ने आरोपियों के पास से 15 लाख रुपए कीमत की हैरियर कार, करीब 80-80 हजार रुपए कीमत के दो दोपहिया वाहन, करीब 1.70 लाख रुपए के आठ मोबाइल फोन और 15 हजार रुपए नकद जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 18 लाख 45 हजार रुपए बताई गई है।
सभी आरोपियों की चिकित्सकीय जांच के बाद उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए गणेशपेठ पुलिस के हवाले कर दिया गया। मामले की जांच जारी है।
गुजरात के सात आरोपी हिरासत में
पुलिस ने गुजरात निवासी जयेश अमृत ठाकुर (20), यशपाल आमसिंह चौहान (24), कुलदीपसिंह विक्रम जडेजा (26), राजेंद्रसिंह राणा वाघेला (34), नरपत बाबु सिंग (27), उपेंद्र नागजीभाई जोशी (28) और भानुसिंह जसवंतसिंह वाघेला (29) को हिरासत में लिया है। सभी आरोपी गुजरात के अलग-अलग जिलों के निवासी बताए गए हैं।
नागपुर से चला रहे थे अंतरराज्यीय रैकेट
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि आरोपी नागपुर को केंद्र बनाकर अंतरराज्यीय स्तर पर ठगी का नेटवर्क चला रहे थे। पुलिस को गिरोह के अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका भी है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं तथा विदेश से इसके संपर्क कितने गहरे हैं।




