Published On : Thu, Jul 30th, 2026
By Nagpur Today Nagpur News

नागपुर सेंट्रल जेल में कैदी की निर्मम हत्या का फैसला, दोषी को उम्रकैद

बहुचर्चित कुश कटारिया हत्याकांड के आरोपी आयुष पुगलिया की जेल के भीतर हत्या; अदालत ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
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नागपुर – नागपुर सेंट्रल जेल में हुए चर्चित कैदी हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी सूरज कोकणाके को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 के तहत दोषी ठहराया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेखर तोतला (डीजे-21) ने आरोपी को आजीवन कारावास (उम्रकैद) तथा 1,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

अदालत में पेश साक्ष्यों के अनुसार, सूरज कोकणाके पहले से ही हत्या के एक मामले में सजा काट रहा था और उसे नागपुर सेंट्रल जेल की बैरक नंबर-5 में रखा गया था। इसी दौरान उसी बैरक में बंद कैदी आयुष निर्मल पुगलिया के साथ उसका विवाद हुआ, जिसके बाद उसने सुनियोजित तरीके से उसकी हत्या कर दी।

अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने पहले बैरक नंबर-5 के पास स्थित शौचालय में आयुष पुगलिया के सिर पर फर्श का पत्थर मारकर उसे गंभीर रूप से घायल किया। इसके बाद जेल के रसोईघर में इस्तेमाल होने वाले बड़े चम्मच के हैंडल को धारदार हथियार का रूप देकर उसके गले पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से पूरे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया था।

मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने 21 गवाहों के बयान दर्ज कराए। घटनास्थल से मिले वैज्ञानिक साक्ष्य, जब्ती पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और धंतोली स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट अदालत में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हुई। इन सभी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष ने आरोपी का अपराध संदेह से परे साबित कर दिया है।

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सरकार की ओर से सरकारी अभियोक्ता श्याम खुळे ने प्रभावी पैरवी करते हुए अदालत के समक्ष मजबूत पक्ष रखा, जिसके बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

गौरतलब है कि मृतक आयुष निर्मल पुगलिया चर्चित कुश कटारिया हत्याकांड का आरोपी था। जेल के भीतर उसकी हत्या ने उस समय पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी और जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए थे।

अदालत के इस फैसले ने स्पष्ट कर दिया है कि जेल की चारदीवारी के भीतर होने वाले जघन्य अपराध भी कानून की पकड़ से बाहर नहीं हैं। न्यायालय ने अपने निर्णय से यह संदेश दिया है कि गंभीर अपराध करने वालों को कानून के अनुसार कड़ी सजा अवश्य मिलेगी।

— रविकांत कांबले

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