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    Published On : Sat, Nov 24th, 2018

    संकट के साये में मनपा परिवहन विभाग

    अब ईटीएम की देखभाल करनेवाली कम्पनी वेरिफोन इंडिया ने किया काम बंद

    Aapli Bus

    नागपुर: मनपा परिवहन विभाग की समस्याएं ख़त्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. अब मनपा की ‘आपली बस’ के लिए इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन की जिम्मेदारी संभालने वाली वेरिफोन इंडिया सेल्स प्राइवेट लिमिटेड ने बक़ाया न चुकाए जाने से जिम्मेदारी से हाथ खड़े कर दिया है. कम्पनी का मनपा पर १.६७ करोड़ रुपए बकाया है, यही वजह है कि भुगतान न होने से कम्पनी ने मशीनों की देखभाल-मरम्मत का काम बंद कर दिया है.

    इन मशीनों की खरीदी मनपा परिवहन प्रबंधक ने परिवहन समिति को दरकिनार कर मनपा के आला अधिकारियों की सहमति से किया था. उक्त कंपनी ने पतिवाहन प्रबंधक को भेजे गए पत्र द्वारा मनपा परिवहन प्रबंधक को स्मरण करवाया कि मनपा ने वेरिफोन और डिम्ट्स के साथ २१ सितंबर २०१७ को त्रिपक्षीय करार किया था. इसी करार के तहत १.६७ करोड़ की खरीदी की गई थी. इस खरीदी के वक़्त वेरिफोन ने ५ लाख रुपए का सिक्योरिटी डिपॉजिट भी जमा कराया था.

    वर्तमान में मनपा की ३२० आपली बस सड़कों पर दौड़ रही हैं. इसके लिए ८०० इलेक्ट्रॉनिक वेंडिंग मशीनों का उपयोग हो रहा है.

    विभाग के सूत्र बतलाते हैं कि हर दिन औसतन तक़रीब १० ईटीएम मशीनों में तकनीकी खराब आती ही है. समय पर वेरिफोन कंपनी ने पहले की तरह सेवा देना शुरू नहीं किया तो जल्द ही सम्पूर्ण परिवहन सेवा टप्प पड़ने की संभावनाओं से नाकारा नहीं जा सकता.

    परिवहन समिति के सदस्यों के अनुसार उक्त मशीनों की खरीदी के दौरान परिवहन समिति को नज़र अंदाज किए जाने के कारण कंपनी का भुगतान रुका हुआ है. क्यूंकि उक्त मसला मनपा की आमसभा में उछाला गया था. महापौर ने परिवहन प्रबंधक के खिलाफ जाँच का आदेश तक दिया था, लेकिन आज तक जांच रिपोर्ट आमसभा में पेश नहीं की गई. अर्थात मनपा पर महापौर की पकड़ पर कई प्रकार के सवाल हिचकोले खा रहे हैं. महापौर ने तब यह भी निर्देश दिया था कि जांच में दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. क्यूंकि परिवहन प्रबंधक गुणवत्ता के आधार पर नियुक्त किए जाने के बजाय सत्तापक्ष के दिग्गज नेता द्वारा लादे गए, इसलिए जांच पर आंच आ रही है.

    उल्लेखनीय है कि वेरिफोन के साथ मनपा व डिम्ट्स के किए करार के अनुसार ईटीएम मशीन खरीदी के ३ माह के अंदर पूरा भुगतान किया जाना अनिवार्य किया गया था. भुगतान पर मनपा परिवहन विभाग के नकारात्मक रुख के कारण वेरिफोन ने ८ नवंबर से रखरखाव-मरम्मत का काम भी बंद कर दिया है. परिवहन समिति के अनुसार संभवतः वेरिफोन इस बकाया को पाने के लिए अब न्यायालय की शरण में है.


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