Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
    | | Contact: 8407908145 |
    Published On : Tue, Aug 7th, 2018
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    इन मछुआरे भाईयों को मिली ऐसी मछली जिससे पल भर में बदल गई किस्मत मिला इतना पैसा..

    कब किसकी किस्मत बदल जाए कोई नहीं जानता. जैसे मुंबई के दो मछुआरे भाईयों की बदल गई. इन भाईयों को समुद्र में एक ऐसी मछली मिली कि वो लखपति बन गए. दरअसल, आम दिनों की तरह महेश और मंगल दोनों भाई समुद्र में मछली पकड़ रहे थे.

    इसी बीच उनके हाथ घोल मछली लग गई, जिसने उन्हें लखपति बना दिया. शुक्रवार को मछुआरे रोज की तरह पालघर समुद्रतट पर मछलियां पकड़ने गए थे. यहां उसके जाल में घोल मछली फंस गई जो 5.5 लाख रुपए में बिकी.

    बता दें कि मुंबई के मछुआरे महेश अपने भाई के साथ शुक्रवार को मछली पकड़ने गए थे. उनके जाल में एक 30 किलो की मछली फंस गई. यह कोई सामान्य मछली नहीं थी बल्कि घोल मछली थी. सोमवार को इस मछली की बोली लगाई गई. बोली बीस मिनट तक चली और मछली को 5.5 लाख रुपये में एक व्यापारी ने खरीद लिया.

    बता दें कि घोल मछली खाने में स्वादिष्ट तो होती ही है. इस मछली में चमत्कारी औषधीय गुण पाए जाते हैं जिसके कारण पूर्वी एशिया में इसकी कीमत बहुत ज्यादा है. यहां तक कि घोल को ‘सोने के दिल वाली मछली’ के रूप में भी जाना जाता है.

    घोल मछली की स्किन में उच्च गुणवत्ता वाला कोलेजन पाया जाता है. इस कोलेजन को दवाओं के अलावा क्रियाशील आहार, कॉस्मेटिक उत्पादों को बनाने में प्रयोग किया जाता है. बीते कुछ सालों में इन सामग्री की वैश्विक मांग बढ़ रही है.

    घोल मछलियों का निर्यात सिंगापुर, मलेशिया, इंडोनेशिया, हॉन्ग-कॉन्ग और जापान में किया जाता है. सबसे सस्ती घोल मछली 8,000 से 10,000 रुपये तक की होती है. बता दें कि मई में भायंदर के एक मछुआरे विलियम गबरू ने यूटान से एक मंहगी घोल मछली पकड़ी थी. वह मछली 5.16 लाख रुपये में बिकी थी.


    Stay Updated : Download Our App
    Mo. 8407908145