Published On : Mon, Sep 21st, 2026
By Nagpur Today Nagpur News

बेटे की मौत के बाद मां ने मांगा सेवा-लाभ में हिस्सा, हाई कोर्ट ने महावितरण से मांगा जवाब

अनुकंपा नियुक्ति के समय बेटे ने मां की देखभाल का दिया था लिखित आश्वासन; करीब 29.81 लाख रुपए पत्नी को मिलने का दावा
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नागपुर – बेटे की मृत्यु के बाद उसके सेवा-समापन लाभ में अपने हिस्से की मांग को लेकर वृद्ध मां ने बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ का दरवाजा खटखटाया है। मां का कहना है कि बेटे ने अनुकंपा के आधार पर नौकरी हासिल करते समय उसकी देखभाल और भरण-पोषण की जिम्मेदारी लिखित रूप से स्वीकार की थी। इसके बावजूद बेटे की मृत्यु के बाद करीब 29.81 लाख रुपए के सेवा-समापन लाभ उसकी पत्नी को जारी कर दिए गए।

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति भारती डांगरे और न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फालके की खंडपीठ के समक्ष हुई। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महावितरण के संबंधित कार्यकारी अभियंता तथा मृतक की पत्नी को नोटिस जारी किया है। दोनों से 6 अक्टूबर तक जवाब दाखिल करने को कहा गया है।

नौकरी के समय दिया था शपथ-पत्र
याचिकाकर्ता के पति की मृत्यु के बाद उनके बेटे को अनुकंपा के आधार पर महावितरण में नौकरी मिली थी। नौकरी हासिल करते समय बेटे ने एक शपथ-पत्र प्रस्तुत किया था। इसमें उसने परिवार के सदस्यों और कानूनी वारिसों का उल्लेख करते हुए उनके भरण-पोषण और देखभाल की जिम्मेदारी स्वीकार की थी।

मां के अनुसार, नौकरी मिलने के बाद बेटा उसकी देखभाल कर रहा था। हालांकि, 20 जून 2022 को बेटे की मृत्यु हो गई। इसके बाद मां का आरोप है कि उसके बेटे से संबंधित लगभग 29,81,188 रुपए के सेवा-समापन लाभ उसकी पत्नी को जारी कर दिए गए।

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‘मेरे पास आय का कोई साधन नहीं’
वृद्ध मां ने अदालत के समक्ष कहा कि उसके पास अपनी आजीविका चलाने का कोई स्वतंत्र साधन नहीं है। बेटे ने जब नौकरी हासिल की थी, तब उसकी देखभाल करने का लिखित आश्वासन दिया था। ऐसे में बेटे की मृत्यु के बाद मिलने वाले सेवा-समापन लाभ में उसके अधिकार और हिस्से पर भी विचार किया जाना चाहिए।

महावितरण से मांगा स्पष्टीकरण
मां की ओर से किए गए दावे पर हाई कोर्ट ने महावितरण से जवाब तलब किया है। अदालत ने संबंधित कार्यकारी अभियंता और मृतक की पत्नी को नोटिस जारी करते हुए यह स्पष्ट करने को कहा है कि सेवा-समापन लाभ की कुछ राशि याचिकाकर्ता मां के पक्ष में जारी क्यों नहीं की जानी चाहिए।

मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी। उस दिन महावितरण और मृतक की पत्नी का जवाब सामने आने के बाद मामले में आगे की दिशा स्पष्ट होने की संभावना है।

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