Published On : Fri, Dec 21st, 2018

मेट्रो रिजन क्षेत्र विकास के नाम पर एनआयटी अधिकारी कर रहे जबरन वसूली – प्रशांत पवार

नागपुर: जय जवान जय किसान संगठन के अध्यक्ष प्रशांत पवार ने नागपुर सुधार प्रन्यास (एनआयटी) के अधिकारियों पर जबरन वसूली का आरोप लगाया है। पवार का कहना है कि मेट्रो रिजन क्षेत्र के नाम पर जनता से वसूली की जा रही है। अधिकारी कार्रवाई की धमकी दे रहे है और उससे बचने के लिए हजारों रूपए बतौर रिश्वत की माँग कर रहे है। भूखंड नियमित करने के नाम पर मेट्रो रिजन क्षेत्र में 12000 नागरिकों से प्रति आवेदक 5000 रुपये वसूले जा चुके है इस तरह 6 करोड़ रूपए जमा किये है।

शहर के मेट्रो रिजन में विकास का जिम्मेदारी एनएमआरडीए यानि की नागपुर महानगर विकास प्राधिकरण के पास है। क़ायदे से काम इसी विभाग के लोगों द्वारा होना चाहिए लेकिन अधिकार न होने के बावजूद एनआयटी के अधिकारी अवैध तरीके से काम कर रहे है। पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने नागरिकों को दिक्कत न होने का आदेश दिया है बावजूद इसके निर्देशों को दरकिनार कर अधिकारियों द्वारा भय का वातावरण निर्माण किया जा रहा है।

पवार ने बताया कि वह मेट्रो रिजन क्षेत्र के नाम पर की जा रही कार्रवाई की न्याय प्रक्रिया की जानकारी हासिल कर रहे है। कई अधिकारियों के ख़िलाफ़ शिकायत है जिनके विरोध में पुलिस में मामला दर्ज कराया जायेगा। पालकमंत्री ने लोगो की शिकायत सुनने के लिए नवंबर महीने में सभा लेने का आदेश दिया था मगर इससे अधिकारियों ने पीठ दिखा दी।

एनएमआरडीए में तो अधिकारियों की नियुक्ति ही नहीं है
प्रशांत पवार के मुताबिक उन्होंने आरटीआई के माध्यम से जानकारी हासिल की है। मेट्रो रिजन का काम शुरू है लेकिन इस विभाग में अधिकारी ही नियुक्त नहीं है। अब तक विकास के प्रारूप को ही मान्यता हासिल नहीं हो पायी है और अधिकारियों की जिम्मेदारी,वेतन और भत्तों पर भी सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया है। एनएमआरडीए अलग संस्था है इसलिए एनआयटी के अधिकारियों को एनएमआरडीए का कर्मचारी भी नहीं माना जा सकता। अब तक केवल दो ही अधिकारी इस विभाग में नियुक्त हुए है।

उच्च न्यायालय के आदेश को मानते हुए लौटाई जाये नागरिको से वसूली गई रकम
उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के अनाधिकृत निर्माण कार्य को नियमित करने की योजना को रद्द कर दिया है इसलिए यह काम हो नहीं सकता। नागरिको से अवैध निर्माण कार्य के नियमतिकरण के नाम पर पांच हजार रूपए प्रत्येक वसूले गए है उसे वापस किया जाये। पवार ने आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा अवैध और जबरन वसूली की जा रही है। जो काम हो रहा है उसका कोई रिकॉर्ड भी नहीं है।

ढाई लाख रूपए जमा करा लिए गए उसके बाद भी कार्रवाई की गई
पवार की प्रेस वार्ता में उपस्थित उद्योजक राधेश्याम भट्टल ने बताया कि कपासी में उनके निर्माण कार्य को लेकर एनएमआरडीए ने आपत्ति दर्ज कराई। जुर्माने के तौर पर उनसे ढाई लाख रूपए जमा भी करा लिए गए लेकिन उसके बाद भी उनकी रोलिंग मील का हिस्सा तोड़ दिया गया। इस कार्रवाई के तीन दिन पूर्व ही उनके भाई की मृत्यु हो गई। मै व्यस्त था बावजूद इसके कोई सुनवाई नहीं हुई।