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    Published On : Wed, Jun 5th, 2019

    मेडीकल एंट्रेंस नीट का रिजल्ट घोषित

    नागपुर: नेशनल टेस्‍टिंग एजेंसी (एनटीए ) नीट 2019 का रिजल्ट 5 जून यानि आज आधिकारिक रूप से घोषित किया गया है. इस बार 15 लाख से भी ज्यादा स्टूडेंट्स ने नीट की परीक्षा दी थी ये सभी अब बेसब्री से रिजल्ट के इंतजार में थे. नीट 2019 रिजल्ट में उम्मीदवार का नाम, रोल नंबर, कैटेगरी वार योग्यता प्रतिशत, विषयवार स्कोर और कुल अंक, उम्मीदवार की अखिल भारतीय रैंक (AIR) और श्रेणी रैंक जैसे विवरण दिए जाएंगे. उम्मीदवार केवल वेबसाइट पर जाकर ही अपना रिजल्ट चेक कर पाएंगे. अपना रिजल्ट चेक करने के लिए स्टूडेंट को एप्लीकेशन नंबर और जन्मतिथि भरकर सब्मिट करना होगा. इस साल नीट की परीक्षा 5 और 20 मई के बीच आयोजित की गई थी. एटीए (एनटीए ) के आंकड़ों के अनुसार, नीट 2019 परीक्षा के लिए कुल 15,19,375 उम्मीदवारों ने रजिस्‍ट्रेशन कराया था, जिसमें से 14,10,754 उम्मीदवार सभी राज्यों में परीक्षा के दौरान उपस्थित हुए. नीट परीक्षा 5 और 20 मई, 2019 को आयोजित की गई थी. अभ्यर्थियों को 2 जून तक प्रारंभिक आंसर की के खिलाफ आपत्तियां (यदि कोई हो) उठाने की अनुमति दी गई थी.

    उम्मीदवारों द्वारा प्रस्तुत प्रत्येक आपत्ति को दूर किया गया था. इसके बाद एनटीए 2019 की नीट की अंतिम आंसर भी जारी करेगा, जिसका उपयोग परिणाम की तैयारी में किया जा सकेगा. जो छात्र परीक्षा के लिए उपस्थित हुए थे, वे आधिकारिक वेबसाइट पर अपने नीट (नीट ) का रिजल्‍ट की जांच करने के लिए जा सकते हैं, जब एजेंसी ने परिणाम घोषित करे.

    2019 के नीट रिजल्‍ट के बाद क्या होगा
    2019 के नीट रिजल्‍ट के बाद छात्रों को मेडिकल कोर्स में प्रवेश पाने के लिए प्रवेश में मिले अंकों के आधार पर काउंसलिंग के लिए उपस्थित होना होगा. रिजल्‍ट की घोषणा के बाद मेडिकल काउंसलिंग समिति (एमसीसी) के होमपेज पर 2019 नीट (नीट) काउंसलिंग के लिए शेड्यूल अपलोड किया जाएगा. 2018 में नीट काउंसलिंग का पहला चरण 31 अगस्‍त से 3 सितंबर के बीच हुआ था.

    क्या है NEET?
    NEET चिकित्सा स्नातक पाठयक्रमों (एमबीबीएस और बीडीएस) के लिए एक अर्हक परीक्षा (क्वालीफाईंग एंट्रेस एग्जाम) है. इस परीक्षा को पास करने वाले छात्रों को उनके द्वारा प्राप्त अंकों के आधार पर उनकी पसंद के शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए कानून बनाया गया है. पहले यह प्रक्रिया ‘एआईपीएमटी’ (ऑल इंडिया प्री-मेडिकल टेस्ट) के द्वारा की जाती थी.

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