Published On : Wed, Dec 3rd, 2014

कोंढाली : माँस ठिकाने लगाने करनी पड़ी भारी मशक्कत!

 

  • पाचवड़ का माँस भरा ट्रक मामले में कोंढाली पुलिस परेशान
  • ऐसे मामले में सरकार से विचार करने की माँग

animals meat truck
कोंढाली (नागपुर)।
नागपुर-अमरावती राष्ट्रीय महामार्ग पर कोंढाली पुलिस स्टेशन अंतर्गत पाचवड़ परिसर से 29 नवम्बर की रात 12:30 बजे के दरम्यान काटोल के उपविभागीय पुलिस अधिकारी ईश्वर कातकड़े ने कोंढाली पुलिस के सहयोग से अवैध मांस से लदा ट्रक जब्त किया था. ट्रक व आरोपियों को कोंढाली पुलिस ने काटोल स्थित न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया. उन्होंने आरोपियों को जमानत देकर माँस भरा ट्रक को शीतगृह (कोल्ड स्टोर) में रखने का आदेश दिया. कोंढाली पुलिस माँस भरा ट्रक शीत गृह में रखने के लिए नागपुर जिले से सम्पर्क किया. पर वहां शीत गृह में व्यवस्था नहीं होने से ट्रक को अकोला के नजदीक बागपुर के शीत गृह ले जाया गया. वहां भी जगह उपलब्ध नहीं होने से पुन: ट्रक को वापस कोंढाली लाया गया. इस बीच सोमवार को न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आखिर अवैध माँस को ठिकाने (नष्ट करने) लगाने का आदेश दिया.

फिर माँस को लेकर भटकती रही पुलिस!
न्यायाधीश का आदेश पाकर कोंढाली के थानेदार प्रदीप लांबट व उनके सहयोगी क्षेत्र के वन विभाग, राजस्व विभाग व ग्राम पंचायत के पदाधिकारियों ने 20 बाय 30 फूट का गड्ढा खोद कर नष्ट करने के लिए सभी से जगह की माँग करते-करते रातों की नींद हराम कर ली. मगर जगह किसी ने नहीं दी. आखिरकार रिंगणाबोड़ी के पुलिस पाटिल संजय नागपुरे ने अपने खेत में जगह दिलायी. फिर माँस को गड्ढे में भर कर मिट्टी डाल दी गई. अब पुलिस सवाल कर रही है कि आखिर में रिंगणाबोड़ी भी जगह उपलब्ध नहीं कराती तो इसकी जवाबदारी कौन लेता, हम किससे मदद माँगते? इस पर सरकार को विचार करना चाहिए.

प्रशासन से आदेश जारी करने की माँगी
माँस के लिए नागपुर, अकोला में शीतगृह में जगह न मिलने पर पुलिस के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं थी. यदि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति होने पर पुलिस किससे पास जाकर गुहार लगाए? इसके लिए जगह की उपलब्धता कौन करे? इस प्रश्नों के जवाब के लिए सामाजिक कार्यकर्ता दुर्गाप्रसाद पांडे, ब्रिजेश तिवारी, राजेन्द्र खामकर, एम.एस. पठान, ए.के. शेख ने सरकार से इंतजामात के आदेश जारी करने की माँग की है. अब देखना है सरकार इस दिशा में कब तक निर्णय लेकर कोंढाली ही नहीं अपितु सम्पूर्ण पुलिस महकमे को निकटवर्ती दिनों में राहत देग पाएगी?