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    Published On : Sat, Nov 24th, 2018
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    राजनीति के चलते मेनका गाँधी, सुधीर मुनगंटीवार पर साध रही निशाना – किशोर तिवारी

    नागपुर: यवतमाल जिले के पांढरकवड़ा में आदमखोर बाघिन अवनि की हत्या का विरोध कर रही केंद्रीय मंत्री मेनका गाँधी पर किसान नेता किशोर तिवारी ने सनसनीख़ेज खुलासा किया है। तिवारी के अनुसार मेनका गाँधी के विरोध के केंद्र में वित्त और वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार है और इसके पीछे की वजह राजनीतिक है। सुधीर भले ही चंद्रपुर से आते हो लेकिन उनकी यवतमाल में भी उनकी सक्रियता है अगर भविष्य में लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी सेना का गठबंधन नहीं होता है तो सुधीर यवतमाल में बीजेपी के सबसे मज़बूत संभावित प्रत्याशी हो सकते है। तिवारी ने बताया कि मेनका गाँधी के आध्यात्मिक गुरु प्रेम साई महाराज यवतमाल से ही आते है। दो महीने पहले मेनका गाँधी ने प्रेम साई से मुलाकात की थी और उन्हें चुनाव लड़ने के लिए कहाँ था। जिसके बाद प्रेम साई ने सक्रियता दिखाई और खुद ही खुद को उम्मीदवार के रूप में प्रस्तुत किया। महाराज की उम्मीदवारी के दावे को मुख्यमंत्री के साथ राज्य बीजेपी खारिज कर चुकी है। मेनका तब से नाराज़ है जिसकी भड़ास वो अवनि मामले को उठा कर निकाल रही है। मुनगंटीवार के ख़िलाफ़ दिल्ली मुंबई में बैठी एक पूरी की पूरी लॉबी काम कर रही है जो खुद को पर्यावरण या फिर वन्य जीव प्रेमी होने का दावा कर करती है।

    नवाब तो मेनका गाँधी के संसदीय क्षेत्र में भी कर चुका है शेर का शिकार
    तिवारी का कहना है कि अवनि की हत्या के लिए जिस शार्प शूटर नवाब खान को लेकर सवाल उठाये जा रहे है। उसने वर्ष 2008 में मेनका गाँधी के संसदीय क्षेत्र पीलीभीत में शेर का शिकार किया था। उसे बाकायदा सरकार ने यह काम सौपा था। तब उनके ईलाके में संरक्षित प्राणी को मारने का विरोध तक मेनका गाँधी द्वारा नहीं किया गया। आज वहीं सुधीर मुनगंटीवार को सरकार से हटाने की माँग कर रही है। नवाब विवादित नाम है यह बात सार्वजनिक है लेकिन इससे पहले भी उसकी मदत कई बार और देश के विभिन्न राज्यों की सरकारों ने ली है। जिस बाघिन ने 13 निर्दोष लोगों को अपना शिकार बनाया उसकी कानूनन हत्या किये जाने के मामले को जिस तरह से देश की ही एक मंत्री ने प्रचारित किया उससे विदर्भ का नाम अंतरास्ट्रीय स्तर पर ख़राब हुआ है। देश ही नहीं विदेश से लोग विदर्भ के बाघ संरक्षित क्षेत्र में बाघों को देखने के लिए लिए आते है। ऐसे घटनाक्रम से राजस्व को भी नुकसान पहुँचाते है।

    दी जा रही बेतुकी दलील
    तिवारी के मुताबिक उन्होंने बतौर सामाजिक कार्यकर्त्ता मुनगंटीवार के साथ 30 वर्षो तक काम किया है। उन पर किसी तरह आरोप नहीं है। अवनि की हत्या के बाद तरह तरह की बेतुकी बातें कहीं जा रहे है। रालेगाव और पांढरकवडा वन क्षेत्र में 400 हेक्टर ज़मीन अनिल अंबानी को उपलब्ध कराने के लिए अवनि प्रकरण को गढ़ने की बात कहना हास्यास्पद है। कहाँ जा रहा है कि यहाँ चुना,कोयला, डोलोमाइट की खदान है। यह बात गलत है वहाँ कोई खदान नहीं है। अगर खदान हो भी तब भी कोई काम हो नहीं सकता क्यूँकि अकेले पांढरकवड़ा में ही 20 के लगभग बाघ है। इतने बाघों को हस्तांतरित किया ही नहीं जा सकता। वर्षो से वनक्षेत्र के आस पास रहने वाले आदिवासी जंगल और वन्यप्राणियों का संरक्षण करते आये है। जब बात देखभाल करने वाले की जिंदगी पर बन आयी तब न्यायालय के आदेश पर बाघिन को मारने का फ़ैसला लिया गया। इसके बाद भी सरकार ने जाँच समिति का गठन किया है। यवतमाल जिले में चंद्रपुर से सटे ईलाके में बीते 50 वर्षो से 4 सीमेंट प्लांट है। 2009 में पिछली सरकार ने अनिल अंबानी की कंपनी को सीमेंट प्लांट के लिए 400 हेक्टर जगह दी थी। लेकिन यह प्लांट आज तक नहीं लगा।

    किशोर तिवारी यवतमाल जिले में लंबे वक्त से किसानों के बीच काम कर रहे है। वर्त्तमान में राज्य सरकार के यशवंतराव नाईक किसान स्वावलंबन मिशन के वो अध्यक्ष है। जब से अवनि का मामला शुरू हुआ है वो तब से इस मामले में राज्य के वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार का बचाव करते दिखाई दिए है।


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