
सावनेर: 16 सितंबर को सावनेर पुलिस स्टेशन में काम करने वाले हवालदार बक्कल नंबर 1939 की बेरहमीसे पीटाई का मामला उजागर हुआँ था। जब वह एक दिन पहले हुए अपराध की रिपोर्ट देने आरोपी के घर गए, तो आरोपी ने उन पर मोटे प्लास्टिक पाइप से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। घटना के बाद से आरोपी फरार हो गया था।
इस घटना से पता चलता है कि सावनेर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों का शहर में हो रही अपराधीक गतिविधीयो पर कोई कंट्रोल नहीं है। अगर गैर-कानूनी धंधेबाज पुलिस को तक पीटने की हिम्मत कर सकते हैं, तो आम नागरिकों का क्या…?, ऐसे भ्रष्ट गैर-कानूनी धंधेबाजों और अपराधीक तत्वो वाले लोगों से आम नागरिक और शहरवासी तथा सावनेर पुलिस स्टेशन के अंदर कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाने लगे हैं। चूंकि हवालदार को पीटने वाला आरोपी फरार है, इसलिए सावनेर पुलिस उसे गिरफ्तार करने और कानून के शिकंजे में लाने के लिए जगह-जगह कड़ी नज़र रखे हुए थी।
इस मामले में, हरिभाऊ आदमने कॉलेज के पास रहने वाले आरोपी अमन आसाराम धनोले को एक पुलिस कांस्टेबल की बेरहमी से पिटाई करने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया और उससे जुर्म में इस्तेमाल किया गया मोटा प्लास्टिक पाइप ज़ब्त किया गया और उसने जुर्म कबूल कर लिया। शिकायत करने वाले की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर, जुर्म में भारतीय दंड संहिता की धारा 109 (1) जोडकर उसे सावनेर कोर्ट में पेश किया गया।




