
सावनेरः गणेशोत्सव के साथ साथ ही महागौरी महालक्ष्मी स्थापना का भी अपना अलग ही महत्व पौराणिक ग्रंथोमे उल्लेखीत है.जीसके तहत पीछले तीन दिनोसे परंपरागत महागौरी महालक्ष्मी स्थापन कर महालक्ष्मीकी आराधना की जाती है
शहरमे अनेक स्थानोपर पारंपरिक तौरपर महागौरी महालक्ष्मी का दि. 16 सितंबर 2026 को आव्हान कर विधिवत पुजा अर्चनाकर स्थापना तथा दुसरे दीन श्रुंगार तथा विधी विधानसे पुजन कर तरह तरहके व्यंजनोका महाभोग लगाकर रोशनी तथा महाप्रसादका आयोजन कीया जाता है. जीससे महागौरी महालक्ष्मीके की दो बहने जेष्ठा और कनिष्ठा के दर्शनोके लीये भाविकोकी भारी भीड उमडकर भक्तजन अपने आपको महालक्ष्मीके कु्पापात्र पाते है.
शहरके प्रसिद्ध व्यवसायी बांगरे ज्वेलर्स के संचालक अतुल शंकरराव बांगरे के भोंगाडे लेआऊट स्टेशनरोड स्थीत निवास स्थानपर भी तीन दिवसीय महागौरी महालक्ष्मी की स्थापना कर अपने तीन पीढीयोसे चली आरही परंपरा को बडेही उत्साह से मनाया गया इस आयोजनमे शहरके सेकडो गणमान्योने सहपरिवार उपस्थित रहकर महालक्ष्मी माता के दर्शनोका लाभ लीया.
आयोजनके सफलतार्थ अतुल बांगरे, वत्सल बांगरे सहीत समस्त परिवारने परिश्रम लीया. वही शहर की पुर्व नगराध्यक्षा अँड्. पल्लवीताई मुलमुले के निवासस्थान पर भी परंपरागत महागौरी महालक्ष्मी की स्थापना कर विविध प्रकारके छप्पन भोग लगाकर महाप्रसाद का आयोजन कीया गया. शहरके गणमान्योके माता महागौरीके दर्शन लाभ तथा महाप्रसाद के उपरांत तीसरे दिन माता महागौरीको नम आखोसे बीदाई दी इस भव्य आयोजनके सफलतार्थ जयंत मुलमुले, अँड्. अभिषेक मुलमुले व परिजनोने परिश्रम लीया
संवाददाता किशोर ढुंढेले सावनेर…




