Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
    | | Contact: 8407908145 |
    Published On : Fri, Jun 22nd, 2018
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्वीकार किया कर्नल पुरोहित का आवेदन, फैसला 16 जुलाई को

    मुंबई. मालेगांव ब्लास्ट केस में आरोपी कर्नल प्रसाद पुरोहित की ओर से खुद को इस मामले से मुक्त किए जाने को लेकर दायर आवेदन को बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। जस्टिस आरवी मोरे व जस्टिस अनूजा प्रभुदेसाई की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 16 जुलाई के तय की है। लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित नौ साल से जेल में बंद थे। 29 सितम्बर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव में बम धमाका हुआ था। इसमें 7 लोगों की मौत हो गई थी, करीब 100 लोग जख्मी हुए थे। इस मामले में साध्वी प्रज्ञा और पुरोहित सहित 12 लोग गिरफ्तार किए गए थे।

    क्या है कर्नल पुरोहित की अपील

    – सुनवाई में कर्नल पुरोहित ने कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने उसके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सेना से अनुमति नहीं ली है। इसलिए उन्हें इस मामले से मुक्त किया जाए। पुरोहित 2008 मालेगांव बम धमाके के मामले में आरोपी है। उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी है।

    कोर्ट में पेश की गई सुप्रीम कोर्ट फैसले की कॉपी

    – इससे पहले सोमवार को सुनवाई के दौरान एनआईए की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट संदेश पाटिल ने कहा था कि पुरोहित इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी गए थे लेकिन उन्हें निचली कोर्ट जाने के लिए कहा गया है। इस पर बेंच ने एनआईए के वकील को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति पेश करने को कहा था। पाटिल की ओर से शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले की कॉपी कोर्ट में पेश की गई।

    साध्वी प्रज्ञा समेत 7 को अप्रैल 2017 में मिली थी जमानत

    – मालेगांव ब्लास्ट मामले में ही आरोपी प्रज्ञा ठाकुर और उनके छह सहयोगियों को इसी अप्रैल 2017 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने जमानत दे दी थी। प्रज्ञा ठाकुर को 5 लाख के निजी मुचलके पर जमानत दी गई थी। उस वक्त कोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्टया (prima facie) साध्वी के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता। कोर्ट ने यह भी कहा था कि साध्वी प्रज्ञा एक महिला हैं और 8 साल से ज्यादा समय से जेल में हैं। उन्हें ब्रेस्ट कैंसर है और वो कमजोर हो गई हैं, बिना सहारे चलने में भी लाचार हैं।

    क्या है मामला?

    – बता दें कि 29 सितम्बर 2008 को महाराष्ट्र में नासिक जिले के मालेगांव में बम ब्लास्ट हुआ था। इसमें 7 लोगों की मौत हो गई थी, करीब 100 लोग जख्मी हुए थे।ब्लास्ट उस वक्त किए गए थे, जब लोग रमजान के दौरान नमाज पढ़ने जा रहे थे। इन ब्लास्ट के पीछे हिंदू राइट विंग ग्रुप्स से जुड़े लोगों का हाथ होने की बात सामने आई थी।


    Stay Updated : Download Our App
    Mo. 8407908145