Published On : Wed, Oct 21st, 2020

महेश धामेचा मनपा को लगा रहा चुना

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मनपा विधि समिति सभापति अधिवक्ता धर्मपाल मेश्राम का संगीन आरोप,निलंबित करने की मांग

नागपुर – मनपा में विधि समिति के सभापति अधिवक्ता धर्मपाल मेश्राम ने एक पत्र परिषद के माध्यम से मनपा सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख महेश धामेचा पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि वर्षों से एक ही पद पर विराजमान धामेचा कागजी प्रक्रिया में बोगस सुरक्षा एजेंसियों को शह दे रहा,मनपा के लिए वार्षिक स्टेशनरी खरीदी में धांधली और अपने-अपने करीबियों को पदोन्नत सह लाभ पहुंचा रहा। ऐसे अधिकारी की तत्काल निलंबित करने की मांग अधिवक्ता मेश्राम ने की।

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अधिवक्ता मेश्राम ने जानकारी दी कि गत वर्षों उन्होंने मनपा सभागृह में मनपा में तैनात सुरक्षा एजेंसी किशोर और यूनिटी द्वारा बोगस कागजात के आधार पर ठेका प्राप्त करने का मामला उठाया था,तब तत्कालीन महापौर नंदा जिचकर ने मनपा आयुक्त को 15 दिनों में जांच करने के निर्देश दिए थे,जो कि आजतक पूर्ण नहीं हुआ।इसी दोनों एजेंसीयों को पुनः कायम रखा गया। इन्हीं एजेंसियों के बोगस बिल बनाकर,उन्हें भुगतान दिलवा कर धामेचा और उनके सहयोगी शिवणकर आर्थिक लाभ पिछले कई वर्षों से उठा रहे। इन एजेंसियों पर मनपा का प्रत्येक माह लगभग 7.5 करोड़ रुपये खर्च हो रहा हैं। मनपा की ओर से प्रति सुरक्षा कर्मी 21124.26 रुपये मासिक भुगतान किया जाता हैं परंतु उन्हें 7 से 8 हज़ार रुपये ही मासिक दिया जाता हैं।

50 लाख का स्टेशनरी खरीदती हैं मनपा
मेश्राम ने बताया कि उन्हें विधि समिति के सभापति की जिम्मेदारी वर्ष 2018-19 में सौंपी गई थी,इस समिति के साथ वर्ष 2019-20 में सामान्य प्रशासन विभाग को संलग्न किया गया।जिम्मेदारी मिलने के पश्चात उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग से जानकारी ली कि वर्ष में कौन-कौन सी साहित्य और कितने की वार्षिक खरीदी की जाती हैं तो जानकारी मिली कि 215 प्रकार के साहित्य खरीदी की जाती हैं और इन पर वार्षिक 50 लाख रुपये खर्च किया जाता हैं। जिसका पुख्ता डाटा विभाग के पास नहीं होना,बड़े घोटाले का इशारा कर रहा।

बिंदु नामावली के नाम पर धोखाधड़ी
धामेचा कई वर्ष से एक ही पद पर कुंडली मार कर बैठे हैं, जिसका भरपूर फायदा उठाते हुए बिंदु नामावली के नाम पर अपने-अपने करीबी और आर्थिक लाभ पहुंचाने वालों को पदोन्नत और सेवा जेष्ठता का लाभ दिलवा रहे और खासकर अनुसूचित जाति के कर्मियों पर अन्याय करते हुए उन्हें जायज हक्क से वंचित रख रहे हैं।

स्क्रैप घोटाले में भूतकर को लाभ तो झाड़े को नुकसान
मेश्राम ने आगे कहा कि स्क्रैप घोटाले में तत्कालीन EE राजेश भूतकर और झाड़े को दोषी ठहराया गया था। लेकिन इसी धामेचा की मौकापरस्ती से भूतकर पर लगे आरोप की लीपापोती कर उन्हें पदोन्नत सह सेवा जेष्ठता का लाभ दिया गया तो दूसरी ओर झाड़े जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उनके साथ अन्याय कर उन्हें न्यायालय जाने के लिए मजबूर किया गया।

उक्त सभी संगीन मामलों के मद्देनजर मेश्राम ने धामेचा जैसे वाइट कॉलर अपराधी और शिवणकर को निलंबित करने या फिर तकनीकी अड़चन हो तो उन्हें घर बैठाने अथवा अन्य विभाग में तबादला करने की मांग की हैं।

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