Published On : Wed, Jul 28th, 2021

कुम्भकर्णी नींद से उठी महाराष्ट्र सरकार,फीस मे 15% प्रतिशत निर्णय सवागत योग्य

नागपूर: विदर्भ पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप अग्रवल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा आखिकार पालको के आगे झुकना पड़ा महाराष्ट्र सरकार को और पिछले डेढ़ साल से कुम्भकर्णी नींद सो रही सरकार को फीस कटौती के मुद्दे पर आज निर्णय लेना पड़ा।महाराष्ट्र सरकार ने मंत्री मंडल में महाराष्ट्र के सभी स्कूलों की फीस मैं 15 % छूट को मंजूरी प्रधान की जो सवागत योग्य है

आखिरकार पालको के जले पर नमक छिड़कने सरकार आगे तो आयी, पिछले डेढ़ साल पहले जब विदर्भ पेरेंट्स एसोसिएशन ने नो स्कूल नो फीस की मुहिम चालू की थी तब मुट्ठीभर पेरेंट्स इससे जुड़े थे देखते ही देखते यह मुहिम ने पूरे देश में जोर पकड़ा और पूरे देश में नो स्कूल नो फीस का आंदोलन शुरू हो गया।पालको की ताकत और सक्रियता बढ़ती गई और आज उसका नतीजा है कि पालको के आगे सरकार को घुटना टेकना पड़ा।

अग्रवाल ने कहा कि हमारी मांग 50 प्रतिशत छूट की है और आज सरकार ने 15 प्रतिशत छूट दी है बाकी के 35 प्रतिशत के लिए हमारा आंदोलन जारी रहेगा।

अग्रवाल ने मांग की है कि बात केवल छूट की नहीं है बल्कि स्कूलों में किए जा रहे गैर कानूनी कार्य पर भी सरकार का नकल कसने की आवश्यकता है क्योंकि अधिकांश स्कूलों में गैरकानूनी तरीके से PTA का गठन कर वर्षों से पालको को लूटा है, गलत तरीके से पालको से फीस ली गई है उसका भी ऑडिट करना आज की आवश्यकता है इसपर भी सरकार ने तुरंत कार्यवाही करना चाहिए।

श्री अग्रवल ने महाराष्ट्र के सभी पालको को ,समस्त विद्यार्थियों को और प्रदेश के सभी पालक संघटनों को बधाई दी है कि उनकी एकजुटता और सक्रियता के कारण यह संभव हुआ है लेकिन अभी भी हमारा मिशन बाकी है क्योंकि जब स्कूले ऑनलाइन चल रही है तो पालक पूरी फीस क्यो भरे।

अब हमें बाकी 35% के लिए अपना आंदोलन बढ़ाना है और महाराष्ट्र में शिक्षा विभाग की अनियमितता को उजागर करना है और पालको को न्याय दिलाना है।

अग्रवाल ने सभी पालको से निवेदन किया है कि इस शिक्षा बचाव आंदोलन में जुड़े और देश के भविष्य को बचाने के लिए आगे बढ़ चढ़कर आगे आये।