Published On : Thu, Nov 7th, 2019

बात नहीं बनी तो कल इस्तीफा दे सकते हैं CM फडणवीस, लौटाएंगे सरकारी गाड़ी

मुंबई. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Election) परिणाम के 13 दिन बाद भी राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर असमंजस बरकरार है. वहीं अब खबर आ रही है कि अगर 8 नवंबर तक अगर फैसला नहीं हुआ तो सीएम देवेंद्र फडणवीस इस्तीफा दे सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार शाम तक सीएम सहित सारे मंत्री अपनी सरकारी गाड़ियां और बाकी सुविधएं वापस कर सकते हैं. बीजेपी सिर्फ शुक्रवार शाम तक का इंतजार करेगी. चर्चा ये भी है शिवसेना-बीजेपी के बीच संवाद फिलहाल पूरी तरह से ठप हो चुका है जिसके चलते कोई हल निकलता नजर नहीं आ रहा.

राज्यपाल से मिले भाजपा नेता
इससे पहले गुरुवार राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से महाराष्ट्र भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की. मुलाकात के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि जनता ने भाजपा-शिवसेना ‘महायुति’ को बहुमत दिया है. सरकार बनाने में देरी हो रही है, अब तक सरकार बन जानी चाहिए थी. हम राज्य में कानूनी विकल्पों और राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने के लिए राज्यपाल से मिले. हम आलाकमान से चर्चा कर आगे की रणनीति तय करेंगे.

शिवसेना की बैठक में विधायकों ने उद्धव पर छोड़ा फैसला
शिवसेना के नवनिर्वाचित विधायकों की मातोश्री (शिवसेना मुख्यालय) में हो रही बैठक खत्म हो गई है. सूत्रों के अनुसार, विधायकों ने उद्धव ठाकरे पर फैसला छोड़ दिया है. बैठक के बाद शिवसेना विधायक गुलाबराव पाटिल ने कहा कि हम अगले दो दिनों के लिए होटल में रुकेंगे. हम वही करेंगे जो उद्धव ठाकरे करने के लिए कहेंगे. शिवसेना अपने विधायकों को रंगशारदा होटल लेकर जा रही है. उसे आशंका है कि विधायकों को तोड़ा जा सकता है.

NCP ने लगाए बीजेपी पर ये आरोप
महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने ट्वीट कर बीजेपी(BJP) पर हमला किया है. जयंत पाटिल ने कहा कि ‘जो नेता 25 साल पुराने सहयोगी को दिया वचन पूरा नहीं कर सकता वो जनता का क्या होगा’. दिए हुए वचन को मैं पूरा करता हूं..ऐसे बयानों से अपनी ब्रांडिंग करने वाले मुख्यमंत्री, 25 साल पुरानी साथी शिवसेना को दिए वचन को जब पूरा नहीं कर पाए. अपने इतने पुराने साथी को दिए वचन को जो इंसान पूरा नही कर सकता वो महारांष्ट्र की जनता को दिया हुआ वचन क्या पूरा सकता है?

शिवसेना को सता रहा है हॉर्स ट्रेडिंग का डर
बता दें कि बीजेपी के साथ सरकार बनाने को लेकर आम सहमति न बन पाने की वजह से शिवसेना (Shiv Sena) के मन में अब हॉर्स ट्रेडिंग (Horse Trading) का डर घर कर गया है. इसके चलते गुरुवार को हुई विधायक दल की बैठक के बाद विधायकों की बाड़ा बंदी (इक्ट्ठा रखने) का इंतजाम किया गया है. खबर है कि शिवसेना के विधायकों को एक होटल में ठहराया गया है.