Published On : Sat, Jan 20th, 2018

चुनाव आयोग पीएमओ का लेटरबॉक्स – आशुतोष

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Ashutosh

File Pic


नागपुर: आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों के निलंबन के मामले में पार्टी प्रवक्ता आशुतोष गुप्ता ने चुनाव आयोग पर संगीन आरोप लगाया है। नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए गुप्ता ने कहाँ यह कार्रवाई प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश के बाद की गई है। इस कार्रवाई के खिलाफ पार्टी सुप्रीम कोर्ट जायेगी जहाँ से हमें अवश्य न्याय मिलेगा। उन्होंने कहाँ चुनाव आयोग पीएमओ का लेटरबॉक्स बनकर काम कर रहा है। वहाँ ऐसे फैसले लिए जाते है जिसका फायदा बीजेपी को हो,हालही में हिमाचल और गुजरात चुनाव के दौरान आयोग द्वारा चुनाव के लिए घोषित तारीखों का उदहारण देते हुए उन्होंने बताया की गुजरात चुनाव प्रचार के लिए प्रधानमंत्री समय दे सके इसलिए उन्होंने देरी से तारीख का ऐलान किया। जब प्रधानमंत्री गुजरात के मुख्यमंत्री थे उस समय मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार जोति प्रधान सचिव थे। मोदी ने ही उन्हें कांडला पोर्टट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया था। प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी ने ही उन्हें अपने फ़ायदे के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त बनाया। चुनाव आयोग के मुख्य आयुक्त पद से 23 जनवरी को जोति रिटायर हो रहे है ऐसे में उन्हें खुश करने के लिए उन्होंने यह फैसला लिया। एक तरह से मुख्य चुनाव आयुक्त ने आम आदमी पार्टी विधायकों को बर्खास्त कर मोदी का कर्ज भी उतारा है।

चुनाव आयोग द्वारा यह भी स्पस्ट नहीं किया गया कि किस आधार पर कार्रवाई की गयी। मामला दो वर्ष से चुनाव आयोग के पास लंबित था लेकिन सुनवाई की तारीख तक तय नहीं की गई। विधायकों पर लाभ का पद मिलने का आरोप लगा है लेकिन उन्हें किसी तरह का लाभ नहीं प्राप्त हुआ है। वैसे भी मामला न्यायप्रविष्ठ था इसलिए चुनाव आयोग के फ़ैसले पर संदेह उठता है। जिन 20 विधायकों पर कार्रवाई की गई उनका पक्ष भी नहीं सुना गया।

फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जायेगी आप
पार्टी प्रवक्ता आशुतोष ने साफ़ किया की चुनाव आयोग के इस फैसले के खिलाफ पार्टी सुप्रीम कोर्ट जायेगी। जहाँ उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है। विधायकों पर लाभ के पद पर आसीन कराये जाने का आरोप गलत है इसे हम देश की सर्वोच्च अदालत में साबित करेंगे। जनप्रतिनिधियों के लाभ के पद से जुड़े कई राज्यों के मामले चुनाव आयोग के पास लंबित है जिन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आम आदमी पार्टी के खिलाफ षड्यंत्र के तहत यह फैसला लिया गया। जिसकी स्क्रिप्ट पीएमओ में लिखी गई।

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