Published On : Tue, Feb 23rd, 2021

जीव अभिमान रहित जीवन जीना सीखेंः योगेश कृष्ण महाराज

नागपुर: प्राणी के पतन का मुख्य कारण उसका अभिमान होता है. इस कारण प्राणी को अपने अभिमान का त्याग कर सर्वथा अभिमान रहित होकर अपना जीवन जीना चाहिए. इंद्र को अपने प्रलयकारी मेघों पर बहुत अभिमान था. उसने ब्रजवासियों के उपर कुपित होकर अपने मेघों को ब्रज व ब्रजवासियों का डुबोने का आदेश दिया.

परंतु भगवतकृपा से मेघों का जल समाप्त हो गया और संपूर्ण ब्रजवासी सुरक्षित रहे. उक्त उद्गार कथा वाचक योगेश कृष्ण महाराज ने भक्तों को गोवर्धन लीला का वर्णन करते हुए कहे. निरंजन नगर नागरिक उत्सव मंडल की ओर से श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ जारी है. कथा आनंदवर्धन हनुमान मंदिर, बेलतरोडी में हो रही है.

कथा व्यास ने श्री कृष्ण बाल लीला का वर्णन करते हुए कहा कि श्री कृष्ण के व्यक्तित्व के अनेक पहलू हैं. वे मां के सामने रूठने की लीलाएं करने वाले बालकृष्ण हैं तो अर्जुन को गीता का ज्ञान देने वाले योगेश्वर कृष्ण. कहते तो लोग उन्हें ईश्वर का अवतार हैं पर वे बालक स्वरूप में तो पूरे बालक ही हैं. श्रीकृष्ण ने पूतना का उद्धार किया. जिसे कंस ने भेजा था. शकटासुर का वध किया. तृणावर्त का उद्धार किया. यमलार्जुन मोक्ष, बकसासुर वध, अघासुर वध, धेनुकासुर वध, शंख चूड़ वध सहित अनेक राक्षसों का वध किया. माखन चोरी की लीलाएं कीं. सभी लीलाओं मंे प्रभु ने जीव का उद्धार किया.

आज व्यासपीठ का पूजन राकेश मिश्रा, मनीषा मिश्रा, रमाशंकर दुबे, मीरा दुबे, विजेंद्र तिवारी, नीलम तिवारी, विमलेश मिश्रा, प्रीति मिश्रा, रविंद्र मिश्रा, गुड़िया मिश्रा, धर्मेंद्र मिश्रा, ममता मिश्रा, रमेश मिश्रा, प्रीतु मिश्रा सहित अन्य ने किया. सहित अन्य ने किया. कथा का समय दोपहर 2 से 6 रखा गया है.