
गोंदिया के मुंडीपार (एमआईडीसी) इलाके में 22 सितंबर की रात सड़क किनारे खून से लथपथ मिली 58 वर्षीय रविशंकर उदेलाल रहांगडाले की लाश की गुत्थी को स्थानीय अपराध शाखा (LCB) ने 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। यह कोई सामान्य लूट या आपसी विवाद की वारदात नहीं, बल्कि अंधविश्वास और प्रतिशोध की रूह कंपा देने वाली साजिश थी। पुलिस ने मामले में मुख्य साजिशकर्ता कमलेश अशोक नेवारे (19) और जितेंद्र कोहळे (45) को दबोच लिया है, जबकि वारदात में शामिल दो विधि संघर्ष बालकों को भी हिरासत में लिया गया है।
अंधेरे में पीछा कर सड़क पर घेरा , फिर कुल्हाड़ी से वार
घटना 22 सितंबर की शाम करीब 7:45 से 8:15 बजे के बीच की है। मुंडीपार निवासी रविशंकर रहांगडाले अपनी बाइक से वेंकटेश राइस मिल में नाइट शिफ्ट ड्यूटी पर जा रहे थे। पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने मार्बल कंपनी के पास से स्प्लेंडर बाइक से उनका पीछा किया। चमड़ा फैक्ट्री के सामने आरोपियों ने रविशंकर को ओवरटेक कर रोक लिया। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाते, पीछे से हथौड़े से जोरदार वार कर उन्हें बाइक समेत जमीन पर गिरा दिया गया। इसके बाद बेहरमी से सिर पर कुल्हाड़ी के ताबड़तोड़ वार कर उनकी जान ले ली गई।
मौत और बीमारी का बदला लेने की साजिश
वारदात के बाद मृतक के पुत्र विक्की रहांगडाले की शिकायत पर पुलिस स्टेशन गंगाझरी में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे के निर्देश और LCB निरीक्षक रेवचंद सिंगनजुडे के नेतृत्व में जब गोपनीय नेटवर्क सक्रिय हुआ, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। गांव में चर्चा थी कि मृतक जादू-टोना करता था।
संदेह के आधार पर हिरासत में लिए गए आरोपी कमलेश नेवारे ने पूछताछ में कबूला कि उसके परिवार के दो सदस्यों की मौत रविशंकर के जादू-टोने की वजह से हुई थी। इतना ही नहीं, मनीष टेंभरे व जितेंद्र कोहळे के घर हुई मौतें और ऋषभ कोहळे की लगातार खराब तबीयत के पीछे भी वे रविशंकर के तंत्र-मंत्र को ही जिम्मेदार मान रहे थे। इसी बदले की आग में कमलेश, जितेंद्र और दो नाबालिगों ने मिलकर हत्या का खौफनाक खाका तैयार किया।
24 घंटे में बेनकाब हुआ षड्यंत्र , आरोपी गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे , अपर पुलिस अधीक्षक अभय डोंगरे, एसडीपीओ तिरोड़ा गजानन गुल्हाणे के मार्गदर्शन में एलसीबी पुलिस निरीक्षक प्रेमचंद सिंगनजुड़े और गंगाझरी पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए दोनों बालिग आरोपियों को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए गंगाझरी थाने के सुपुर्द कर दिया गया है। 24 घंटे के भीतर अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में API अमरदीप खड़े, सहायक पुलिस निरीक्षक जंगमवार, सफौ राजू मिश्रा, पुलिस हवलदार – तुलसीदास लुटे, सोमेंद्रसिंह तुरकर, रियाज शेख, महेश मेहर, दीक्षितकुमार दमाहे, संजय चव्हाण, दुर्गेश तिवारी, भोजराज बहेकार, इंद्रजीत बिसेन, पुलिस सिपाही – राकेश इंदुरकर, छगन विठ्ठले, कुणाल बारेवार, निखिल मेश्राम, राम खंदारे, मुरली पांडे, इमरान सैय्यद, निलेश ठाकरे, साइबर सेल के देविदास ठमके, योगेश राहिले, आकिब काझी, श्रेयस लांबट तथा गंगाझरी थानेदार धीरज राजूरकर, पुलिस हवलदार भुरे, उमेश कावळे, महेंद्र कटरे , प्रशांत गौतम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रवि आर्य




