Published On : Thu, Dec 29th, 2016

ईयर एंड पर जंगल सफारियां हाउसफुस

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नागपुर:
नए साल का स्वागत धूम धड़ाके के साथ नहीं बल्कि चैन और सुकून के साथ जंगल में वन्यप्राणियों के साथ बिताने की ओर लोग ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। इस बदले हुए ट्रेंड के बढ़ते जुनून का ही यह असर है कि ईयर एंड के अवसर पर उपराजधानी के आस पास के सारे रिजर्व फॉरेस्ट हफ्तों पहले ही बुक चल रहे हैं।

नागपुर को टाइगर कैपिटल के नाम से पूरे देश में पहचाना जाता है। यही वजह है कि ईयर एंड पर टाइगर रिजर्वों और वाइल्ड लाइफ सैंक्चुरीज़ की ओर पर्यटकों के पहुंचने का तांता लगा हुआ है। पूरी तरह पैक चलनेवाले जंगल की कोर सफारी के साथ बफर फॉरेस्ट एरिया में भी ऑन लाइन बुकिंग शुरू किए जाने से इस साल से बफर के जंगल भी पूरी तरह पैक चल रहे हैं। जाहिर है 20 प्रतिशत स्पॉट बुकिंग के लिए रख छोड़ी जानेवाली वाहनों की एंट्री खुशनसीबी से ही हासिल होगी। इधर वन परिसरों में शराब व अन्य नशे पर प्रतिबंध होने के कारण वन विभाग की ओर से भी पूरी सतर्कता बरती सजा रही है।

नागपुर के आस पास पांच टाइगर रिजर्व है। इनमें पेंच टाइगर रिजर्व, बोर टाइगर रिजर्व, मेलघाट टाइगर रिजर्व, नवेगांव नागझिरा टाइगर रिजर्व, ताड़ोबा अंधारी टाइगर रिजर्व मुख्य आकर्षण का केंद्र है। दुनिया में बाघों की आबादी कम होते जा रही है। शेष बचे बाघ सबसे ज्यादा भारत में पाए जाते हैं। और भारत में इन बाघों की प्रजाति सबसे अधिक विदर्भ के जंगलों में पाए जाते हैं। और यही वन्यजीव और प्रकृति प्रमी पर्यटकों को टाइगर कैपिटल की ओर खींच के लाने की सबसे बड़ी वजह है।

ऑन लाइन की जानेवाली बुकिंग के मार्फत टाइगर रिजर्व और व वन्यजीव अभ्यारण्यों में आवंटित वाहनों के प्रवेश कई दिन पहले से बुक कर लिए गए थे। वीकेंड पर पड़नेवाले ईयर एंड डे के कारण 31 दिसंबर को बुकिंग पूरी तरह पैक है। इसी 1 जनवरी को रविवार पड़ने से यह दिन का भी ऑन लाइन बुकिंग फुल चल रहा है। 2 जनवरी के बाद से बुकिंग मिल रही है लेकिन कार्यकारी सप्ताह शुरू हो जाने के कारण अधिक बुकिंग देखने नहीं मिलती दिखाई दे रही है।


केवल जंगल ही नहीं इन रिजर्व फॉरेस्टों के आस पास के तमाम रिसोर्ट और होटल्स भी हाउस फुल बताए जा रहे हैं. रेट भी आम दिनों के मुकाबले खूब वसूले जा रहे हैं। एमटीडीसी का रिसोर्ट हो या सरकारी गेस्ट हाऊस सभी पूरी तरह से पैक चल रहे हैं।