Published On : Mon, Jun 15th, 2026
By Nagpur Today Nagpur News

मानसून की दस्तक के साथ थमी जंगल सफारी की रफ्तार, आज से पर्यटकों के लिए बंद हुए वन मार्ग

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नागपुर – मानसून के आगमन और वन्यजीवों के प्रजनन काल को देखते हुए पेंच, उमरेड-पवनी-करांडला सहित क्षेत्र की प्रमुख जंगल सफारियां आज 15 जून से बंद कर दी गई हैं। इस बार वन विभाग ने निर्धारित अवधि से करीब 15 दिन पहले ही सफारी संचालन पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। इसके चलते 15 से 30 जून के बीच की सभी बुकिंग रद्द कर दी जाएंगी।

वन विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार पेंच व्याघ्र परियोजना, उमरेड-पवनी-करांडला अभयारण्य तथा अन्य संबंधित पर्यटन क्षेत्रों में पर्यटकों के प्रवेश पर फिलहाल प्रतिबंध रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि वर्षा ऋतु वन्यजीवों के लिए अत्यंत संवेदनशील समय होता है। इस दौरान अधिकांश वन्यजीवों का प्रजनन काल चलता है, इसलिए उनके प्राकृतिक आवास में मानवीय हस्तक्षेप को सीमित करना आवश्यक होता है।

सुरक्षा कारणों से लिया गया निर्णय

वन विभाग के मुताबिक मानसून शुरू होते ही जंगलों की कच्ची सड़कें फिसलनभरी और कीचड़युक्त हो जाती हैं। कई स्थानों पर नालों और पुलों पर पानी बहने लगता है, जिससे सफारी वाहनों के फंसने और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। पर्यटकों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जंगल सफारी पर अस्थायी रोक लगाई गई है।

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पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र हैं पेंच और उमरेड-करांडला

नागपुर जिले का पेंच व्याघ्र प्रकल्प और उमरेड-पवनी-करांडला अभयारण्य वन्य पर्यटन के प्रमुख आकर्षण माने जाते हैं। हर वर्ष सर्दी और गर्मी के मौसम में यहां देशभर से हजारों पर्यटक पहुंचते हैं। मार्च से जून तक के सीजन में भी बड़ी संख्या में पर्यटकों ने ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से जंगल सफारी का आनंद लिया। बाघ, तेंदुआ, जंगली कुत्ते, हिरण और विविध पक्षी प्रजातियों को देखने के लिए ये क्षेत्र विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं।

बारिश के बाद शुरू होंगे सुधार कार्य

सफारी बंद रहने की अवधि में वन विभाग जंगल मार्गों की मरम्मत, पुल-पुलियों की जांच और सुरक्षा संबंधी आवश्यक कार्य करेगा। अधिकारियों का कहना है कि मानसून समाप्त होने के बाद पर्यटकों को सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह कार्य किया जाएगा।

बफर जोन खोलने पर रहेगा विचार

वन विभाग ने संकेत दिए हैं कि यदि बारिश की स्थिति अनुकूल रही और मार्ग सुरक्षित पाए गए तो बफर क्षेत्र की सफारियों को चरणबद्ध तरीके से खोलने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि इसका अंतिम निर्णय मौसम और जंगल की परिस्थितियों की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा।

वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे सफारी से संबंधित नवीनतम जानकारी और बुकिंग अपडेट के लिए विभाग की आधिकारिक सूचना पर नजर बनाए रखें। मानसून के दौरान जंगलों को प्राकृतिक रूप से पुनर्जीवित होने का अवसर मिलता है, जिससे वन्यजीवों और पर्यावरण को भी लाभ पहुंचता है।

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