Published On : Sun, Jul 1st, 2018

मकान किराए को लेकर पत्रकार राहुल शर्मा की मां पर हमला

नागपुर – अजनी पुलिस स्टेशन की हद में आनेवाले चंद्र नगर निवासी मासिक समाचार पत्र लोकतंत्र मिरर के संपादक राहुल शर्मा के घर कल सुबह दिनदहाड़े हमला करके उनकी मां अनिता शर्मा और भाई रूपेश पर जानलेवा हमला कर दिया. हमले में मां गंभीर रूप से घायल होने से उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है.

मिली जानकारी के अनुसार राहुल की मां को घर से बाहर निकाल कर घर मालिक सुभद्रा सोनी के पति और उसके साथ आए परिवार सदस्यों और परिवार और 15 गुंडो ने मारपीट की.

इस दौरान देनों को जान से मारने की कोशिश भी की गई. हमले से आहत अनिता शर्मा बेहोश होकर गिर गईं. राहुल शर्मा के अनुसार घर मालिक के साथ करीब 15 गुंडे थे. जिन्होंने घर का सामान घर के सामने रास्ते पर फेंक दिया. घर का सामान अभी भी सड़क पर पड़ा हुआ है. नागपुर में यह होनेवाली पहली घटना नहीं है कि किसी पत्रकार के घर पर हमला करके घरवालों को जानसे मारने की कोशिश की गई. इससे पहले भी नागपुर में पत्रकारों के साथ और उनके परिवारों के साथ दिल दहलानेवाले गंभीर वारदातें हो चुकी हैं.

शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि घटना अजनी पुलिस स्टेशन की लापरवाही का नतीजा है. उनकी माता से तकरीबन माहीने भर पहले भी घर में घुस कर घर मालकीन और उसकी दोनों बेटियों ने मारपीट की थी. इसकी एफआईआर अजनी पुलिस स्टेशन में दी गई थी. लेकिन पुलिस ने कार्रवाई के नाम पर केवल टाइम पास किया. और इसका नतीजा यह हुआ कि आज घर मालिक ने गुंडों के साथ मिलकर उनकी माता और भाई पर हमला किया. शर्मा की मां को मेडिकल हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. उन्हें ऑक्सीजन पर रखा गया था. उन्होंने बताया कि उनका परिवार मकान खाली ही करनेवाले थे.

इस घटना के बारे में अजनी पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक शैलेश संखे ने बताया कि घर किराए को लेकर विवाद हुआ है. जिसमें कल एक को और आज चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. दो से तीन महीने पहले मकान का करार समाप्त हो चुका था. इस घटना में किसी को भी मारा नहीं गया है. कोई भी जख्मी नहीं है. सात महीने से किराया नहीं दिया गया था, जिसको लेकर विवाद हुआ. इस मामले में आरोपी पक्ष की ओर से भी विनयभंग का मामला फिर्यादी के खिलाफ लगाने की मांग भी गई थी. लेकिन पुलिस की ओर से इंकार किया गया. संखे ने बताया कि विनयभंग का मामला दर्ज करने पर उन्होंने आरोपी पक्ष को बताया कि आप महिला हैं इसलिए आप कोई भी मामला दर्ज नहीं करवा सकतीं. दोनों मामले अलग अलग हैं. उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस प्रकरण में किसी भी तरह से आरोपी पक्ष का समर्थन नहीं किया है.