Published On : Tue, Apr 3rd, 2018

मुंबई में आयोजित बीजेपी के स्थापना दिवस समारोह में शामिल होना सामान्य कार्यकर्त्ता के लिए बड़ी चुनौती

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नागपुर: भाजपा के स्थापना दिवस पर मुंबई में आयोजित सभा में भाग लेने कार्यकर्ताओं को लाने के लिए शहर के नगरसेवक,विधायकों के साथ संगठन के लोगों को टार्गेट दिया है। पार्टी से प्राप्त इस टार्गेट की वजह से नगरसेवकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। लेकिन यह संकट सिर्फ नगरसेवकों के लिए ही नहीं बल्कि पार्टी के आम कार्यकर्ताओं के समक्ष भी खड़ा हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नगरसेवकों और शहर के बड़े नेताओं ने अपना आर्थिक संकट कम करने के लिए सम्मेलन में भाग लेने वाले कार्यकर्ताओं से औसत खर्च माँगा है। मुंबई में दौरे के दौरान आने वाले कुल खर्चे का एक हिसाब निकाला गया है उसी के आधार पर कार्यकर्ताओं से राशि ली जा रही है।

सम्मेलन में भाग लेने के लिए खुद खर्च की बात सुनकर कई कार्यकर्त्ता इसमें शामिल होने को लेकर कन्नी कांट रहे है जबकि कुछ ख़ुशीखुशी, तो कुछ मन मारकर इसमें शामिल हो रहे है। 6 अप्रैल को मुंबई के बांद्राकुर्ला कॉम्प्लेक्स में होने वाले स्थापना दिवस समारोह में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करेंगे। नागपुर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का अपना शहर है ऐसे में उनके शहर से सम्मेलन में प्रतिनिधित्व को लेकर कोई कमी न रह जाये इस ओर खास ध्यान दिया जा रहा है। नागपुर से मुंबई जाने के लिए कई तरह की व्यवस्था की गई है,कार,बस,ट्रेन,प्लेन अपनी अपनी हैसियत के हिसाब से कार्यकर्त्ता मुंबई पहुँचेगे। शहर के एक विधायक ने अपने समर्थकों के लिए तो ट्रेन की एक बोगी तक बुक की है। इसके अलावा एक विशेष ट्रेन भी नागपुर से मुंबई के लिए बुक कराई गई है।

जिन कार्यकर्ताओं की आर्थिक स्थिति ठीक है वो सम्मेलन में भाग लेने के लिए उत्सुक है मगर जो कमज़ोर है उनके सामने मुंबई पहुँचना किसी बड़ी मुश्किल से कम नहीं। ख़ास है की मुंबई पहुँचने वाले कार्यकर्ताओं के लिए अपनी व्यवस्था खुद ही करनी है। बीते दिनों मुख्यमंत्री ने नागपुर में एक सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहाँ था की मुंबई आईये दिखाता हूँ जनसैलाब क्या होता है। उनके इस वाक्य से स्पष्ट था की इस सम्मेलन को लेकर उनकी क्या सोच थी। पार्टी के स्थापना दिवस समारोह की आड़ में सीएम एक तरह से शक्तिप्रदर्शन भी करना चाहते है इसलिए इस काम में सारा संगठन जुटा हुआ है।