नागपुर: नागपुर के बेसा क्षेत्र में विकसित हो रहे “जयंती नगरी 7” प्रोजेक्ट को लेकर गंभीर कानूनी विवाद सामने आया है। एक सार्वजनिक नोटिस के जरिए संभावित खरीदारों को इस परियोजना में निवेश करने से सावधान रहने की चेतावनी दी गई है।
जारी नोटिस के अनुसार, मौजा बेसा स्थित सर्वे नंबर 82/1 (पुराना सर्वे नंबर 23), कुल 2.00 हेक्टेयर जमीन, हंसापुरी निवासी उदेशकुमार सूर्यभान नायक द्वारा मेसर्स अभिजीत रियल्टर्स एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. को बेची गई थी। कंपनी के अधिकृत संचालक अभिजीत जॉयदेबकुमार मजूमदार बताए गए हैं।
हालांकि, आरोप है कि बिक्री की पूरी रकम का भुगतान नहीं किया गया। इसके चलते जमीन मालिक ने नागपुर के सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं एसीजेएम न्यायालय में बिक्रीपत्र रद्द करने के लिए स्पेशल सिविल सूट क्रमांक 294/2025 दायर किया है। मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।
इसके बावजूद, संबंधित डेवलपर द्वारा उसी जमीन पर “जयंती नगरी 7” नाम से आवासीय योजना शुरू कर दी गई है। नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इस प्रोजेक्ट में किसी भी प्रकार की खरीद-फरोख्त न की जाए। यदि कोई व्यक्ति लेन-देन करता है, तो वह पूरी तरह से अपने जोखिम पर होगा और भविष्य में होने वाले नुकसान के लिए स्वयं जिम्मेदार रहेगा।
पिछला अनुभव और बढ़ती चिंता
नागपुर के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों, खासकर बेसा में, पहले भी इस तरह के भूमि विवाद सामने आ चुके हैं। कई मामलों में खरीदारों को कानूनी अड़चनों और वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी प्रॉपर्टी में निवेश से पहले जमीन के कागजात, स्वामित्व और कोर्ट में चल रहे मामलों की पूरी जांच करना बेहद जरूरी है।
फिलहाल, “जयंती नगरी 7” प्रोजेक्ट का भविष्य न्यायालय के फैसले पर निर्भर है, जिससे संभावित खरीदारों में असमंजस और चिंता बनी हुई है।








