नागपुर:नागपुर शहर में गैंगवार और संगठित अपराध पर लगाम कसने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। पांचपावली थाना क्षेत्र में बीते माह चर्चित अपराधी अजय चिचखेड़े पर हुई जानलेवा फायरिंग के मामले में पुलिस ने ड्रग पेडलर जगदीश विजय गोखले और उसकी गैंग के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत कार्रवाई की है। गोखले सहित गैंग के 6 सदस्यों पर MCOCA लगाया गया है।
पुलिस की इस कार्रवाई को शहर में बढ़ते गैंगवार, ड्रग्स कारोबार और संगठित आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और उनके द्वारा कथित तौर पर संगठित तरीके से अपराधों को अंजाम दिए जाने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने यह कड़ा कदम उठाया।
शनिचरा बाजार में अजय पर की थी फायरिंग
पुलिस के अनुसार, गोखले को शक था कि अजय चिचखेड़े उसके बारे में पुलिस को मुखबिरी कर रहा है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ा और गोखले ने अजय से बदला लेने की ठान ली।
16 जुलाई को कमाल चौक स्थित शनिचरा बाजार परिसर में गोखले गैंग ने अजय चिचखेड़े पर कथित तौर पर फायरिंग कर उसकी हत्या का प्रयास किया। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में दहशत फैल गई थी। घटना के बाद पांचपावली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की और गोखले सहित उसकी गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार किया।
पुराने आपराधिक रिकॉर्ड ने बढ़ाई मुश्किल
जांच के दौरान पुलिस के सामने आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आए। पुलिस के मुताबिक, गोखले लंबे समय से ड्रग्स के कारोबार में सक्रिय है और अपने नेटवर्क के जरिए नशीले पदार्थों की बिक्री करवाता रहा है। उसके संपर्क में कई पंटर होने की बात भी जांच में सामने आई है।
करीब दो महीने पहले कमाल चौक के शनिचरा बाजार परिसर में पुलिस ने गोखले के एक पंटर को ड्रग्स बेचते हुए पकड़ा था। इस मामले में गोखले को भी आरोपी बनाया गया था। पुलिस के अनुसार, ड्रग्स के कारोबार के साथ-साथ गैंग के सदस्य अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं।
डीसीपी मदने के निर्देश पर तैयार हुआ MCOCA प्रस्ताव
अजय चिचखेड़े पर फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के पूरे आपराधिक रिकॉर्ड की जांच शुरू की। डीसीपी राहुल मदने ने पांचपावली पुलिस को आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि खंगालकर MCOCA के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
इसके बाद पांचपावली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ उपलब्ध आपराधिक रिकॉर्ड, गैंग की गतिविधियों और संगठित तरीके से अपराध किए जाने से संबंधित जानकारी एकत्र कर प्रस्ताव तैयार किया। डीसीपी मदने के माध्यम से यह प्रस्ताव वरिष्ठ अधिकारियों के पास भेजा गया। अधिकारियों की मंजूरी के बाद अब गोखले गैंग के खिलाफ MCOCA की कार्रवाई की गई है।
गोखले समेत इन आरोपियों पर कार्रवाई
MCOCA की कार्रवाई में तांडापेठ निवासी जगदीश विजय गोखले, अंकित उर्फ बिट्टू सूर्यकांत चावरे, नाईक तालाब निवासी नचिकेत उर्फ छोटू भांजा केशव झाड़े, बागेपुरा, शांतिनगर निवासी मयूर उर्फ दातर्या किशोर आदित्य, राकेश नारायण भुरे, मस्कासाथ निवासी राहुल रामअवतार सिरसाठ तथा चकना चौक, लालगंज निवासी चंद्रशेखर उर्फ चंदू सदाशिव पौनीकर (20) के नाम सामने आए हैं।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गतिविधियों को केवल एक घटना तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि उनके आपराधिक नेटवर्क और पूर्व मामलों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
प्रतिबंधक कार्रवाई के बावजूद नहीं रुका अपराध
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ पहले भी प्रतिबंधक कार्रवाई की जा चुकी थी। इसके बावजूद उनके द्वारा कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियां जारी रखी गईं। अजय चिचखेड़े पर फायरिंग की घटना ने पुलिस के सामने यह स्पष्ट कर दिया कि आरोपियों में कानून का पर्याप्त भय नहीं रह गया था।
इसी को देखते हुए पुलिस ने सामान्य धाराओं के तहत कार्रवाई से आगे बढ़ते हुए संगठित अपराध नियंत्रण कानून के तहत शिकंजा कसने का निर्णय लिया।
गैंगवार और ड्रग्स नेटवर्क पर पुलिस का सख्त संदेश
नागपुर शहर में गैंगवार, ड्रग्स कारोबार और अपराधियों के नेटवर्क को लेकर पुलिस प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। गोखले गैंग पर MCOCA लगाना इसी अभियान की कड़ी माना जा रहा है।
पुलिस की इस कार्रवाई से अपराध जगत में स्पष्ट संदेश गया है कि गैंग बनाकर अपराध करने, पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के बावजूद गतिविधियां जारी रखने और ड्रग्स नेटवर्क चलाने वाले आरोपियों के खिलाफ अब सामान्य कार्रवाई के बजाय कड़े कानूनों का इस्तेमाल किया जाएगा।
अजय चिचखेड़े पर हुई फायरिंग के बाद की गई यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पुलिस ने केवल फायरिंग के मामले की जांच तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि आरोपियों की पूरी आपराधिक पृष्ठभूमि और कथित संगठित नेटवर्क को खंगालकर MCOCA के तहत कार्रवाई का रास्ता अपनाया है।
नागपुर पुलिस की इस कार्रवाई से एक बार फिर यह संकेत मिला है कि शहर में गैंगवार और संगठित अपराध को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा।





