नागपुर: नागपुर के तहसील थाना क्षेत्र में रेत व्यवसाय से जुड़े 38 वर्षीय युवक की हत्या से सनसनी फैल गई। इतवारी पोस्ट ऑफिस के समीप कसार भवन के सामने रविवार सुबह एक चाय की टपरी में युवक खून से लथपथ अवस्था में पड़ा मिला। गंभीर हालत में उसे उपचार के लिए मेयो अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान मनीष चंद्रशेखर मोहिते (38), निवासी महल के रूप में हुई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की और मृतक के भाई की शिकायत के आधार पर उसके साथ मौजूद तीन युवकों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निखिल चव्हाण, कुणाल झाड़े और विनय पौनीकर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से निखिल और कुणाल का पूर्व में आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। मृतक मनीष के खिलाफ भी कुछ मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
दो एक्टिवा पर निकले थे चारों युवक
पुलिस जांच में सामने आया है कि शनिवार रात मनीष अपने परिचितों निखिल, कुणाल और विनय के साथ था। रात करीब 8.30 बजे मनीष ने अपने भाई रोशन को फोन कर वाहन की चाबी के संबंध में जानकारी ली थी। इसके कुछ समय बाद करीब 10.30 बजे उसने दोबारा फोन कर पैसों की मांग की।
इसके बाद मनीष ने अपने भाई को झंडा चौक स्थित वाइट हाउस बार में बुलाया। रोशन वहां पहुंचा तो मनीष और निखिल शराब पीते मिले। कुछ देर बाद कुणाल और विनय भी वहां पहुंच गए। चारों ने साथ बैठकर शराब पी। इसके बाद मनीष ने शराब की एक बोतल खरीदी और चारों वहां से निकल गए।
मनीष और निखिल एक एक्टिवा पर, जबकि कुणाल और विनय दूसरी एक्टिवा से रवाना हुए। इसके बाद देर रात तक मनीष घर नहीं पहुंचा। परिजनों ने उससे संपर्क करने का प्रयास किया। फोन पर मनीष ने बताया कि वह चितारओली क्षेत्र में ताजनेकर मूर्तिकार की दुकान के पास है। इसके बाद उसका संपर्क किस परिस्थिति में टूटा, इसे लेकर पुलिस जांच कर रही है।
सुबह सामने आया हत्या का खौफनाक मामला
रविवार सुबह मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया। चाय की दुकान के आसपास मनीष को खून से लथपथ अवस्था में देखा गया। उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। सूचना मिलने पर उसे तत्काल मेयो अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद क्राइम ब्रांच यूनिट-3 के उपनिरीक्षक मधुकर काठोके ने मृतक के परिवार से संपर्क किया। सुबह करीब 9 बजे वे रोशन मोहिते के घर पहुंचे और मनीष के संबंध में पूछताछ की। इसी दौरान परिवार को जानकारी दी गई कि मनीष पर जानलेवा हमला हुआ था और अस्पताल में उसकी मौत हो चुकी है।
चाय की दुकान के पास मिले खून से सने पत्थर
घटना स्थल की जांच के दौरान पुलिस को चाय की दुकान के पास खून से सने पत्थर मिलने की जानकारी सामने आई है। इससे आशंका जताई जा रही है कि मनीष पर पत्थर से हमला किया गया होगा। हालांकि हत्या में इस्तेमाल हथियार और हमले की पूरी परिस्थितियां अभी पुलिस जांच का विषय हैं।
चाय दुकान संचालक अमित पौनीकर से मिली जानकारी के अनुसार, घटना के संबंध में आसपास के लोगों ने सुबह उसे सूचना दी थी। पड़ोस में रहने वाले सुरेश पाठराबे ने कुछ लोगों के साथ पहुंचकर दुकान में हुई वारदात के बारे में बताया था। इसके बाद मृतक के भाई रोशन ने तहसील थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पैसों के विवाद की आशंका, हत्या का मकसद खंगाल रही पुलिस
मृतक मनीष रेत के व्यवसाय से जुड़ा हुआ था और तुमसर निवासी गोटू मोहिते के साथ रेत का कारोबार करता था। पुलिस फिलहाल हत्या के पीछे पैसों के लेनदेन या आर्थिक विवाद को संभावित कारण मानकर जांच कर रही है। हालांकि हत्या का वास्तविक मकसद अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुआ है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शनिवार रात बार से निकलने के बाद चारों युवक कहां-कहां गए, उनके बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ और मनीष को चाय की दुकान तक कौन लेकर पहुंचा। घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने के लिए पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है।
क्राइम ब्रांच और तहसील पुलिस की जांच तेज
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसील पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की टीम भी सक्रिय हो गई है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ कर हत्या से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वारदात अचानक हुए विवाद का परिणाम थी या फिर हत्या की पहले से कोई योजना बनाई गई थी।
फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ हत्या के कारण और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा होने की संभावना है।




