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    Published On : Fri, Sep 18th, 2020

    इस्कॉन के वर्ल्ड होली नेम फेस्टिवल का विधिवत उद्घटान

    नागपुर – अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) के गवर्निग बॉडी (जी.बी.सी.) द्वारा घोषित हरिनाम संकीर्तन मिनिस्ट्री के तत्वावधान में “वर्ल्ड हौली नेम फेस्टिवल” का विधिवत उद्घाटन जी.बी.सी. के चेयरमैन इजिप्ट में जन्मे एवं मेलबॉर्न ऑस्ट्रेलिया निवासी. एच. एच. रमाई स्वामी महाराज के हस्ते सम्पन्न हुआ। टोरंटो कनाडा निवासी एच. जी. पंचरत्न प्रभु ने कार्यक्रम का संचालन किया। सर्वप्रथम दुबई से स्वरूप दामोदर दास जो वहां पर आर्टिस्ट एवं अध्यापक है, ने मंगलाचरण में अधिवास कीर्तन किया। “बोडो कृपा कोइले कृष्ण अधमेर प्रति….” इस भजन को स्वयं प्रभुपाद ने प्रथम अमेरिका की यात्रा के दौरान जलदूत जहाज में लिखा। भजन बंगला भाषा में होने के कारण पंचरत्न प्रभु ने इसका अनुवाद इंगलिश में किया।

    इस्कॉन हरिनाम संकीर्तन मिनिस्ट्री के विश्व प्रमुख एवं मिनिस्टर श्रील लोकनाथ स्वामी महाराज ने प्रस्तावना में कहा श्रील प्रभुपाद आज के दिन पहली बार अमेरिका की धरती पर पांव रखा इसलिये इसी दिन की याद में यह “वर्ल्ड होली नेम फेस्टिवल” पिछले 24 वर्षों से इस्कॉन द्वारा मनाया जा रहा है। इसके बाद ही प्रभुपाद ने सम्पूर्ण विश्व को हरी नाम का उपहार दिया था।

    रमाई स्वामी महाराज ने अपने उद्बोधन में बताया कि शुकदेव गोस्वामी ने राजा परीक्षित से कहा “कलेर्दोष निधे राजन अस्ति एको महान गुणः। कीर्तनादेव कृष्णस्य मुक्तसंगः परं वृजेत।।” है राजन यद्यपि कलियुग दोषों का सागर है फिर भी इस युग मे एक अच्छा गुण है , केवल हरे कृष्ण मंत्र के कीर्तन करने से मनुष्य भवबंधन से मुक्त हो जाता है और दिव्य धाम को प्राप्त होता है। इसलिये हमको सदैव हरे कृष्ण महामंत्र का कीर्तन करना चाहिये।

    कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि ऑकलैंड (न्यूजीलैंड) निवासी एच. एच. भक्तिचैतन्य स्वामी महाराज जो इस्कॉन गवर्निंग बॉडी के उपाध्यक्ष भी है, ने सभी वर्चुअली उपस्थित भक्तों का स्वागत किया तथा बताया कि एक बार चैतन्य महाप्रभु ने अपने गुरु ईश्वरपुरी के साथ फिलोसोफिकल डिबेट में कहा ” हरेर्नाम हरेर्नाम हरेर्नामैव केवलं। कलौ नास्त्यैव नास्त्यैव नास्त्यैव गतिरन्यथा। इस कलियुग में केवल हरिनाम, हरिनाम और हरिनाम से ही उद्धार हो सकता है| हरिनाम के अलावा कलियुग में उद्धार का अन्य कोई भी उपाय नहीं है! नहीं है! नहीं है! इसलिये हमको हरिनाम के प्रति रुचि बढ़ानी चाहिये।

    इसके बाद एक वीडियो दिखाया गया जिसमें इस्कॉन के वरिष्ठ भक्त एवं सन्यासी अपने अपने देशों में “वर्ल्ड होली नेम फेस्टिवल” की जय बोल रहे है। अंत मे न्यूयॉर्क अमेरिका निवासी एवं इस्कॉन हरिनाम संकीर्तन मिनिस्ट्री के सचिव एच. जी. एकलव्य दास ने सभी अतिथियों का आभार माना एवं जो लोग इस्कॉन से जुड़े हुये नही है उनको भी इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा आपको सिर्फ एक सेल्फी वीडियो लेना है जिसमे आप “अपना नाम, शहर का नाम, राज्य का एवं देश का रहने वाला हूँ। यह हरे कृष्ण महामंत्र प्रेम एवं विश्व शांति के लिये समर्पित करता हूँ हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे।। सिर्फ इतना बोलते हुये जो वीडियो तैयार होगा उसको [email protected] इस ईमेल के माध्यम से भिजवा सकते है। इस वीडियो को केंद्रीयकृत वेबसाइट पर अपलोड करके आपकी उपस्थिति दर्ज की जाएगी।

    इस्कॉन हरिनाम संकीर्तन मिनिस्ट्री के प्रवक्ता डॉ. श्यामसुन्दर शर्मा ने विस्तृत जानकारी देते हुये बताया कि इस पूरे महोत्सव में दो कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण है। इनमें से पहला है ग्लोबल कीर्तन कनेक्ट 20 सितम्बर 2020 को तथा दूसरा है जपाथोन महोत्सव के अंतिम दिन यानी 23 सितम्बर 2020 को। दोनों कार्यक्रम प्रत्येक देश के टाइम जॉन के अनुसार दोपहर 12 बजे से एक बजे तक होगा। पहले यह कार्यक्रम लंदन से शुरू होकर पेरिस में समाप्त होने वाला था। लेकिन किन्ही अपरिहार्य कारणवश इसमें परिवर्तन किया गया है।

    अब यह कार्यक्रम न्यूजीलैंड से शरू होकर जापान, सिंगापुर, चीन, रसिया, बंगलादेश, भारत, पाकिस्तान, ईरान, इटली, सल्वाडोर न्यूयॉर्क, टोरंटो शिकागो, लॉस एंजिलिस आदि जगहों पर कीर्तन एवं जप यज्ञ होगा। इस प्रकार पूरे पृथ्वी को हरिनाम की माला पहनाई जाएगी। प्रतिदिन होने वाले शाम 5 बजे से रात्रि 9 बजे तक के कार्यक्रमों को हरे कृष्ण टी वी. चेनल या हरे कृष्ण टी. वी. यूट्यूब पर लाइव देखे जा सकतें है।

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