Published On : Fri, Feb 22nd, 2019

नगर रचना विभाग और वार्ड अधिकारी के विवाद में जांच बाधित

मामला व्यवसायिक संकुल निर्माण के दौरान राय उद्योग समूह के मेन ट्रंक लाइन फोड़ने का

नागपुर: एलआईसी चौक के पास कामठी मार्ग पर बंद पड़े भारत टॉकीज की जगह पर बिना किसी अधिकृत मंजूरी के राय उद्योग समूह (स्क्रोल विनिमय प्राइवेट लिमिटेड,निदेशक लक्षमण सावंत) बहुमंजिला व्यवसायिक संकुल बना रहा है. मंगलवारी ज़ोन के सेनेटरी निरीक्षक की चेतावनी के बावजूद निर्माण कार्य शुरू रखा गया और इसी दौरान जमीन के नीचे से गुजर रही मेन ट्रंक लाइन फोड़ दी गई. जब मामला मनपा मुख्यालय तक पहुंचा तो एक तरफ नगर रचना विभाग प्रमुख तो दूसरी तरफ मंगलवारी ज़ोन सभापति दोनों ने सख्ती से जाँच करने के बजाय एक-दूसरे पर जिम्मेदारियां धकेलना शुरू कर दिया. इससे उक्त बिल्डर को कागजात में सुधारने (अपडेट) करने में पूरा समय मिल रहा है. ऐसे में मनपा आयुक्त सह पदाधिकारियों की चुप्पी समझ से परे है.

उक्त मामले को सार्वजानिक करने वाली नगरसेविका ममता सहारे ने बताया कि बिल्डर की तरफ से सेनेटरी निरीक्षक पर सीवेज का पानी निकालने के लिए दबाव बनाया जा रहा है. सहारे ने यह भी जानकारी दी कि मंगलवारी ज़ोन के वार्ड अधिकारी हरीश राऊत अपना कार्य क्षेत्र होने के बावजूद नियमनुसार कार्रवाई करने से दूर भाग रहे हैं. मनपा नगर रचना विभाग प्रमुख उक्त मामलात पर की गए कार्रवाई की जानकारी देने में आनाकानी करने के साथ ही साथ मंगलवारी ज़ोन के वार्ड अधिकारी के तरफ उंगलिया उठा रहे हैं.

सहारे ने यह भी जानकारी दी कि इस प्लॉट से खुदाई में ४ से ५ दर्जन ट्रक मुरुम निकले. जिसे बिना रॉयल्टी के बेच दिया गया. इनका यह भी कहना है कि सिनेमा गृह के लिए आरक्षित जगह पर नए सिरे से निर्माणकार्य में एक सिनेमागृह होना आवश्यक है. यह भी संगीन आरोप है जिसकी जांच की मांग की गई है. अर्थात जमीन की उपयोगिता बिना बदले निर्माणकार्य शुरू था. बिल्डर द्वारा रात के अँधेरे में गड्ढे में जमा पानी को ३-३ मोटर द्वारा तड़के सुबह तक निकासी कर माउंट होटल के बाजु के नाले में छोड़ने का सिलसिला जारी है.

उल्लेखनीय यह है कि उक्त अवैध निर्माणकार्य और उससे हुए नुकसान को लेकर मंगलवारी ज़ोन और नगर रचना विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत की चर्चा नगरसेवकों में है. उक्त अवैध कृत में मनपायुक्त की चुप्पी को बिल्डर को संरक्षण देने का आरोप दबी जुबान में लग रहे हैं. कल २० फरवरी की आमसभा में नगरसेविका ने सूचना के तहत मामला उठाया था, लेकिन सभा स्थगित होने के कारण मामले पर २६ फरवरी को चर्चा हो सकती है.