Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
    | | Contact: 8407908145 |
    Published On : Fri, Jun 19th, 2020
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    गलवान की हिंसक झड़प के 3 दिन बाद चीन ने 2 मेजर समेत 10 जांबाजों को छोड़ा

    लद्दाख सीमा पर गलवान घाटी में हुई खूनी झड़प में चीनी सेना ने भारतीय सेना के 10 जवानों को बंधक बना लिया था. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, चीनी ने दो मेजर समेत 10 भारतीय जवानों को बंधक बनाया था, जिन्हें तीन दिन की बातचीत के बाद रिहा करा लिया गया है. हालांकि, सेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है.

    सेना ने गुरुवार को अपने बयान में कहा था कि इस कार्रवाई में कोई भारतीय सैनिक लापता नहीं है. हालांकि, सेना की ओर से यह बयान नहीं जारी किया गया है कि कोई जवान बंधक बनाया गया था या नहीं, लेकिन पीटीआई के मुताबिक, चीनी सेना ने दो मेजर समेत 10 जवानों को बंधक बनाया था, जिन्हें तीन दिन बाद रिहा करा लिया गया है.

    इससे पहले जुलाई, 1962 में चीनी सेना ने भारतीय सैनिकों को बंदी बनाया था. गलवान घाटी में युद्ध के दौरान करीब 30 भारतीय जवान शहीद हुए थे और दर्जनों जवानों को चीनी सेना ने पकड़ लिया था. जिन्हें बाद में रिहा कराया गया था.

    गलवान घाटी झड़प में 76 जवान घायल

    सैन्य सूत्रों ने कहा कि चीनी सेना द्वारा सोमवार रात किए गए हमले में भारतीय सेना के 76 जवान घायल हो गए थे, जिसमें से 18 गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि 58 मामूली रूप से घायल हुए. लेह के एक अस्पताल में 18 जवानों का इलाज चल रहा है, जबकि 58 अन्य विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं.

    भारतीय और चीनी सेना के अधिकारियों के बीच गुरुवार को लगातार तीसरे दिन मेजर जनरल-स्तर की बातचीत हुई, जिसमें सैनिकों के बीच हुई खूनी झड़प के साथ-साथ गलवान घाटी के आसपास के क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने पर बातचीत हुई. भारत और चीन की सेना 5 मई से आमने-सामने हैं.

    5 मई को भारत और चीनी की सेना पैंगोंग त्सो में उलझ गए थे. गतिरोध शुरू होने के बाद भारतीय सेना ने फैसला किया कि पैंगोंग त्सो, गलवान घाटी, डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी के सभी विवादित क्षेत्रों से चीनी सैनिकों को पीछे धकलने के लिए सेना की ओर से कदम उठाए जाएंगे. इसके लिए दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत भी हुई, जो बेनतीजा रही.

    15 जून की रात को भारतीय सेना का एक दल गलवान घाटी के पेट्रोलिंग प्वाइंट-14 पर चीनी सेना से बात करने गया था. इस दौरान घात लगाकर बैठे चीनी सैनिकों ने भारतीय सेना के दल पर हमला कर दिया. इस खूनी झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद गए, जबकि चीन को भी भारी नुकसान हुआ था.


    Trending In Nagpur
    Stay Updated : Download Our App
    Mo. 8407908145