Published On : Wed, Jul 24th, 2019

राष्ट्रीय बाल हक़ आयोग की बैठक में नागपुर की 121 शिकायतों का हुआ निपटारा

नागपुर: भारत सरकार की न्यायिक समिति राष्ट्रीय बाल हक़ आयोग की शिकायत निवारण बाल अधिकार हनन हेतु कैंप का आयोजन गडचिरोली में किया गया था. भारत में यह नौवें स्थान तथा महाराष्ट्र में पहला कैम्प था. जहाँ जगह पर न्याय देने का आयोजन किया गया था. जिसमें 5 ज़िले के जिला अधिकारी समेत प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में न्याय आयोग द्वारा दिया गया. आयोग में आरटीई एक्शन कमिटी की ओर से 11 शिकायत पंजीयन कि गई और सर्वाधिक न्यायालयीन न्यायिक आदेश संबंधित अधिकारियों को दे दिए गए.

जिसमें बाल कल्याण अधिकारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण, जेजे एक्ट पॉस्को एक्ट के संदर्भ में प्रत्येक थाने मैं होंगे बाल कल्याण अधिकारी, मुफ़्त गणवेश तथा किताबें देने के संदर्भ में राज्य सरकार को हुए आदेश, अनियमित फ़ीस वसूलने पर आपराधिक मामला दर्ज करने के लिए शिक्षण अधिकारी उमेश राठौड़ को आदेश दिया गया, बस्ते का अतिरिक्त वज़न होने पर शिक्षण विभाग की एक्सटेंशन ऑफ़िसर सुजाता अगरकर ने आयोग को पथक बनाने तथा फ़ील्ड विज़िट कर के बस्ते का बोझा कम करने का आश्वासन दिया, ईसीएस नीति को शासन निर्णय 1 /3 /2019 को अमल में लाने के लिए राज्य आयोग को निर्देश दिए गए.

सीडब्ल्यूसी की ओर से होगी चाइल्ड लाइन की जाँच आरटीई नियम के उल्लंघन के संदर्भ में, अल्पसंख्यक दर्जे का दुरुपयोग करने वाली स्कूलों की होगी जाँच, (जीमाब टोकन क्रमांक 111 ) सेंट जॉन स्कूल में प्रदूषित जल बच्चों को पिलाया जा रहे हैं. जो प्रयोगशाला की रिपोर्ट में आया है. इसमें भी जाँच के आदेश किए गए, जीमाब टोकन क्रमांक 110 इंडियन ओलंपियाड के संचालक द्वारा विद्यार्थियों को पीटने के संदर्भ में जाँच के आदेश (निवासी जिला अधिकारी नागपुर को), 5वी से लेकर 8वीं के विद्यार्थियों को शिक्षा के अधिकार से वंचित रहने पर नागपुर की मॉडर्न स्कूल के संदर्भ में शिकायत की जाँच के आदेश शिक्षण विभाग को दिए गए, नागपुर की 121 शिकायतों के टोकन दर्ज किए गए आयोग में. आरटीई एक्शन कमिटी कि सीईओ डॉ.रूज़ैना बैग वर्किंग कमिटी के विलास तिजारे, राकेश पाटिल, धर्मेन्द्र दुबे, दीपाली इंगले इस दौरान उपस्थित थे.

आयोग ने आरटीई एक्शन कमेटी के चेयरमैन मो.शाहिद शरीफ को एटीआर की रिपोर्ट भी सौपी. प्रशासनिक अधिकारी निवासी जिलाधिकारी राजेंद्र चौहान उपाधीक्षक (ग्रामीण पुलिस), डॉ पातुरकर (सिविल सर्जन) नागपुर, अपर्णा को हले महिला एवं बाल कल्याण अधिकारी मुश्ताक़ पठान, बाल संरक्षण कल्याण अधिकारी, उप शिक्षा अधिकारी उमेश राठौड़, सुजाता अगरकर एक्सटेंशन ऑफ़िसर प्रेमचंद राउत समन्वयक स्वर शिक्षा अभियान, प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे. अधिकारियों को एटीआर एक्शन टेकन रिपोर्ट दो सप्ताह में जिलाधिकारी के माध्यम से आयोग को देना अनिवार्य होगा.