Published On : Wed, Jul 24th, 2019

गोंदियाः प्रशासकीय इमारत की लिफ्ट में फंसे रहे लोग

प्रशासन की लापरवाही उजागर, मची अफरा-तफरी

गोंदिया: ऊंची बिल्डिंग में रहने वालों का लिफ्ट के बिना काम नहीं चलता। लिफ्ट के अचानक दुर्घटनाग्रस्त होकर गिर जाने या कई मर्तबा बिजली गुल हो जाने से लिफ्ट के बंद पड़ जाने की खबरें आती रहती है। वाक्या आज बुधवार 24 जुलाई के दोपहर 12.30 बजे गोंदिया के जयस्तंभ चौक निकट स्थित नवीन प्रशासकीय इमारत में उस वक्त सामने आया जब तहसील इमारत में अफरातफरी मच गई और अचानक लाइट बंद हो जाने से करीब 2-3 लोग लिफ्ट में आधे घंटे तक फंसे रहे।

लिफ्ट में फंसे लोग पसीने से तरबतर रहे
रूटीन सर्विस नहीं करवाने तथा इस लिफ्ट की बैटरी किन्हीं अज्ञातों द्वारा चुरा लिए जाने के कारण यह समस्या निर्माण हुई जिससे लिफ्ट में फंसे लोग पसीने से तरबतर रहे। फंसने वालों में जिला विशेष लेखा परीक्षक कार्यालय में कनिष्ठ लिपिक पद पर नियुक्त कर्मचारी सुरेंद्र ज्ञानीराम लटारे (शास्त्री वार्ड, गोंदिया) भी थे जिसने जानकारी देते बताया- यह 5 मंजिला इमारत है , मैं चौथी मंजिल से लिफ्ट में सवार होकर पहली मंजिल तक पहुंच गया था, वहां से ग्राऊंड फ्लोर के लिए लिफ्ट जैसे ही स्टार्ट हुई, 5 फिट नीचे जाकर अचानक लिफ्ट बंद पड़ गई और लिफ्ट के भीतर की लाइट भी गुल हो गई। मैंने अपने मोबाइल से कॉल कर इसकी जानकारी अपनेे कार्यालय कर्मचारियों को दी, कुछ वक्त के बाद लॉक खोलकर हमें सुरक्षित बाहर निकाला गया।

लिफ्ट चालु हुए 2 दिन हुए कि, बैटरी चोरी हो गई
घटनास्थल पर मौजुद एक अन्य कर्मचारी ने जानकारी देते बताया, इस बिल्डिंग की लिफ्ट चालु हुए अभी 2 दिन भी नहीं हुए थे कि, इसकी बैटरी ही चोरी चली गई। इतना ही नहीं आज हादसे के वक्त चाबी भी जगह पर नहीं थी, इलेक्ट्रिक लाइनमेन ने चाबी ढूंढ ढांढ के कहीं से लाया, तब कहीं जाकर लिफ्ट को खोलकर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, अगर लिफ्ट में बैटरी लगी रहती तो बिजली जाने पर सिस्टम ऑटोमेटिक काम करता और लिफ्ट सुरक्षित नीचे आ जाती।

इमारत में सिक्यूरिटी व्यवस्था का अभाव
इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते उपविभागीय अधिकारी अनंत वालस्कर ने लिफ्ट बंद होने की पुष्टि करते कहा- बैटरी चोरी होने से यह समस्या उत्पन्न हुई। अभी यह बिल्डिंग बी एन सी ने चेक करना है, उसके बाद हैंडवर्क होगी लिहाजा यहां सिक्युरिटी गार्ड की व्यवस्था का अभाव है। संभवत इसी वजह से बैटरी चोरी की घटना हुई होगी , जिससे लिफ्ट बंद पड़ गई। बहरहाल कर्मचारी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

सनद रहे, यह इमारत 2017 से बनकर तैयार है, श्रेय-लूट की राजनीति के चक्कर में इसे लोकार्पण का इंतजार है। इस बिल्डिंग में 28 दफ्तर शिफ्ट होने है, कुछ का पहुंचना अभी बाकि है, 2 दिन पूर्व जिलाधीश के साथ इस इमारत का निरीक्षण राज्यमंत्री व पालकमंत्री डॉ. परिणय फुके ने किया था और इस इमारत के लोकार्पण की तिथी 30 जुलाई उन्होंने घोषित कर दी है, किन्तु लोकार्पण से पहले प्रशासन ने यहां की बुनियादी सुविधाओं को गंभीरता से लेना चाहिए तथा यहां पर जनरेटर लगाना चाहिए या फिर सोलार सिस्टम से लिफ्ट को जोड़ना चाहिए ताकि भविष्य में एैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो?

रवि आर्य