
नागपुर: राष्ट्रीय आदिम कृति समिति द्वारा निकाले गए मोर्चे के दौरान मार्गदर्शन करने आए मंत्री महादेव जानकर और सांसद डॉ. विकास महातमे को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा. जिसके कारण दोनों को ही अपने भाषण कुछ ही देर में खत्म कर प्रदर्शनकारियों के विरोध के कारण जल्द छोड़कर जाना पड़ा.
मंत्री महादेव जानकर और विकास महातमे इस विशाल मोर्चे का नेतृत्त्व करनेवाले थे. गणेश टेकड़ी रोड पर मोर्चे के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए मंत्री जानकर ने कहा कि आदिम समाज के लोगों की मांगे पूरी हो जाएगी, लेकिन हमें इसके लिए लड़ाई जारी रखनी होगी. जिसके बाद लोगों ने दोनों नेताओं का विरोध करना शुरू कर दिया और उन्हें मोर्चास्थल से जाने के लिए कहा. जिसके बाद दोनों ही नेता वहां से चले गए.
इस घटना को लेकर मोर्चे का नेतृत्व करनेवाली एडवोकेट नन्दा पराते ने कहा कि मुख्यमंत्री को निवेदन दिया गया है. उन्होंने 8 दिनों के भीतर बैठक लेने का आश्वासन दिया है. जानकर और महातमे के विरोध पर उन्होंने कहा कि वे उस समय मोर्चे में नही थीं. लेकिन अगर ऐसा कुछ हुआ है तो ऐसा नहीं होना चाहिए था. पराते ने मांग की है कि समाज के लोगों को जाति और वैलिडिटी प्रमाणपत्र मिलना चाहिए. जितने भी आदिम और हलबा समाज के लोगों को नौकरी से निकाला गया है उन्हें वापस लिया जाना चाहिए.
हाईकोर्ट ने अवैध इमारतों पर जताई नाराजगी.. #maharashtranews #latestnews #highcourt #avaidh
पहली बारिश से एपीएमसी बाजार प्रभावित #maharashtranews #barish #mumbai #latestnews
कर्जमाफी पर फैसला लें, तुपकर की चेतावनी #maharashtranews #kisanprotest #ravikanttupkar #latestnews
बारिश से फसलों को मिला नया जीवन.. #maharashtranews #barish #mansoon #latestnews
संजय राऊत करें पहले आत्मपरीक्षण - देशमुख.. #maharashtranews #politicsnews #shivsena #sanjayraut
ऑपरेशन टायगर की जरूरत नहीं: भोंडेकर.. #nagpurnews #latestnews #politicsnews #news







