Published On : Sat, Feb 6th, 2021

खबर का असर : RK SINGH का तबादला लेकिन BHEDARKAR कायम

– दोषी ठेकेदार कंपनी से 14.87 करोड़ रूपए की वसूली की गई, गुजरात की सद्भाव इंजीनियरिंग को काली सूची में डालने के साथ ही मामले में लिप्त पाए जाने वाले अधिकारियों को निलंबित की जाए- आबिद हुसेन

नागपुर – पिछले वर्ष 22 दिसंबर 2020 को NAGPUR TODAY ने WCL के नए CMD MANOJ KUMAR का ध्यानाकर्षण करवाया था कि वेकोलि नार्थ वणी के कोलर पिंपरी खदान में OB की ओवर रिपोर्टिंग कर अतिरिक्त राशि का भुगतान के आरोप में क्षेत्र के तत्कालीन GM RK SINGH सह 16 अधिकारियों सह कर्मियों को चार्टशीट जारी किया गया था.

इस संगीन आरोप के बाद भी RK SINGH को SENSITIVE POST याने GM PRODUCTION की जिम्मेदारी सौंप दी गई.इसके बाद वेकोलि प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए RK SINGH को वर्त्तमान जिम्मेदारी से मुक्त कर GM (PMD) पद पर तबादला कर दिया गया.तो दूसरी ओर उक्त धांधली में शामिल SO OFFICER (MINING) BHEDARKAR का भी तबादला कागजों पर कर दिया गया लेकिन वे आज भी उसी जगह कुंडली मार के बैठ पूर्व की तरह हस्तक्षेप कर रहे हैं.इस मामले पर भी CMD विशेष रूप से गौर करें !


याद रहे कि सीबीआई के निर्देश और वेकोलि CVO की अनुशंसा पर RK SINGH सह 16 अधिकारी-कर्मियों के खिलाफ CHARTSHEET जारी किया गया था.जिसमें से एक कर्मी की मृत्यु हो गई थी.चार्टशीट में ओवर बर्डन मापी में ओवर रिपोर्टिंग करना,OB ठेकेदारों को अतिरिक्त राशि का भुगतान करने का आरोप था.जिसका एक माह के भीतर जवाब देने की मांग की गई थी.

NAGPUR TODAY ने उक्त मामले पर नए CMD का ध्यानाकर्षण करवाया तो RK SINGH का तबादला के साथ SO OFFICER (MINING) BHEDARKAR का भी भी तबादला कर उसकी जगह GORPADE की तैनातगी की गई,फ़िलहाल यह कागजों तक सिमित हैं.असल में BHEDARKAR आज भी उसी जगह बैठ SO OFFICER (MINING) के कामों में दखल दे रहा,जो उल्लेखनीय हैं.

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दूसरी ओर उक्त मामले में दोषी ठेकेदार कंपनी से 14.87 करोड़ रूपए की वसूली की गई.यह भुगतान 11 माह पूर्व किया गया था,जिसका ब्याज की रकम की वसूली आजतक नहीं की गई.

उक्त धांधली पर इंटक नेता आबिद हुसेन ने CMD से मांग की कि ब्याज की रकम भी सख्ती से वसूल की जाए,या तो ठेकेदार से या फिर दोषी सम्बंधित कर्मी-अधिकारियों से.इसके साथ ही उक्त कंपनी (गुजरात की सद्भाव इंजीनियरिंग ) को काली सूची में डालने के साथ ही मामले में लिप्त पाए जाने वाले अधिकारियों को निलंबित की जाए.