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    Published On : Fri, Oct 9th, 2020

    4 मंत्री के गृहक्षेत्र में धड़ल्ले से शुरू अवैध रेती उत्खनन

    जिला प्रशासन,जिला खनन विभाग,यातायात पुलिस,स्थानीय पुलिस,हाईवे पुलिस,आरटीओ,तहसील कार्यालय की चुप्पी समझ से परे

    नागपुर – राजनैतिक रूप से नागपुर जिला काफी प्रभावी हैं, जिले में 1 केंद्रीय,3 राज्य के मंत्री सह राज्य विधानसभा में विपक्ष नेता का निवास व गृहक्षेत्र हैं। इसके बावजूद न्यायालय और केंद्रीय पर्यावरण सह अन्य विभागों की पांबन्दी के बावजूद जिले में अवैध रेती उत्खनन शबाब पर हैं। उक्त दिग्गजों के गृहक्षेत्र होने के बावजूद जिला प्रशासन सह तमाम सरकारी महकमों की चुप्पी समझ से परे हैं।

    रामटेक विधानसभा क्षेत्र से जुड़े रेती व्यवसायी ने बताया कि जिला प्रशासन सिर्फ सावनेर क्षेत्र के रेत कारोबारी को छूट दे रहे,जिसका फायदा अवैध रेत उत्खनन कर कर रहे। अन्य तहसीलों के रेती उत्खनन पर पाबंदी लगा रखी हैं। सिर्फ सावनेर तहसील के आधा दर्जन रेत घाटों से रोजाना 750 ट्रक,टिप्पर,एलपी अवैध रेत उत्खनन कर परिवहन की जा रही। इस कारनामों को जिला प्रशासन,जिला खनन विभाग और तहसीलदार नियमों को लचीला बनाकर रेत कारोबारियों का मार्ग आसान कर दे रहे।

    इन दिनों जिला प्रशासन और जिला खनन विभाग बाढ़ की आड़ लेकर नदी किनारे के खेती में से जमा रेत निकालने की अनुमति देने का सिलसिला शुरू किया,जबकि सच्चाई कुछ और हैं, नदी किनारे के अधिकांश गांव नदी से काफी ऊंचाई पर हैं, पिछले दिनों नदी में आई बाढ़ से सिर्फ कुछ गांव/निकट के खेतों में नदी का पानी घुसा था। जिला खनन विभाग इसे नया रूप दे रहा, वह यह कि बाढ़ से गांव/खेतों में नदी की रेती घुस गई,खेती करने में अड़चन आ रही। इसे निकालने के लिए जिला खनन विभाग के सुझाव अनुसार रेत व्यवसायी खेत मालिकों से करार कर जिला प्रशासन से खेत मे जमा रेत निकालने की अनुमति मांग रहे,जिला प्रशासन भी बिना मौका-चौकसी के ले-दे कर अनुमति प्रदान कर रही,खनन विभाग के पास जिले के ऐसे 12 से अधिक आवेदन आए हैं, जिनमें से 2 को अनुमति देने के प्रस्ताव पर जिला प्रशासन ने मुहर लगा दी।

    स्थानीय जागरूक नागरिकों ने उक्त सभी जाबाज मंत्रियों सह विधानसभा में विपक्ष नेता से उक्त अवैध कृत पर पाबंदी और दोषी अधिकारियों पर कड़क कार्रवाई करने की मांग की हैं।


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