Published On : Thu, Nov 13th, 2014

वाशिम : घर में हो शौचालय तो मिलेंगे 12 हजार


स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत दी जा रही प्रोत्साहन अनुदान राशि

Washim Toilet

File pic


वाशिम।
केन्द्र व राज्य स्तर पर चलाये जा रहे निर्मल भारत अभियान का 2 अक्टूबर 2014 से स्वच्छ भारत मिशन नामकरण कर दिया गया है. इसके अंतर्गत ग्रामीण परिवार शौचालय बनाकर उसका उपयोग करता है तो उसे अब12 हजार रुपये प्रोत्साहन अनुदान के रूप में दिया जाएगा. ज़िले के सयारखेड़ा गाँव की संगीता आव्हाळे द्वारा मंगल सूत्र बेचकर घर में शौचालय बांधे जाने के बाद राज्य के साथ पूरे देश के प्रसार माध्यमों ने इस ख़बर को प्रमुखता से प्रकाशित किया. परिणामस्वरूप राज्य के ग्राम विकास मंत्री पंकजा मुंडे ने संगीता को मंगल सूत्र देकर सम्मानित किया. तब से शौचालय प्रोत्साहन अनुदान की राशि बढ़ाने का निर्णय लेकर 7 नवंबर को सरकार ने एक परिपत्रक द्वारा प्रोत्साहन अनुदान की रकम 12 हजार किये जाने की सूचना सभी ज़िला परिषदों को दी. और साथ ही ज़िले के सभी गाँवों को स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रमों में सहभाग होकर शौचालय का निर्माण करने का आह्वान ज़िप अध्यक्ष कु. सोनाली विनोद जोगदंड ने किया है. यह जानकारी जनसम्पर्क अधिकारी राम श्रृंगारे द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में दी गई है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इससे पूर्व शौचालय निर्माण के लिए 4 हजार 600 रुपये प्रोत्साहन के रूप में दिए जाते थे. जो अब 12 हजार कर किया गया है. हाल ही में केन्द्र सरकार के जलापूर्ति व स्वच्छता मंत्रालय की निर्देशानुसार पिछले महीने ज़िले भर में स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान चलाकर जनजागृति की गई थी. उसके बाद गाँव-गाँव में स्वच्छता कार्यों में प्रगति देखी गई. मंगरूलपीर तालुका के सायखेड़ा की संगीता ने मानो अभियान की अलख जगा दी. जिला परिषद ने इस घटना को लोगों तक पहुँचाया. प्रिंट मीडिया-इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने यह ख़बर केंद्र-राज्य सरकार तक पहुंचाई. इसके बाद प्रोत्साहन राशि बढ़ाने का निर्णय लिया गया. सरकार ने एक परिपत्रक जारी कर शौचालय बाँधकर उपयोग करने वाले परिवार को 12 हजार दिया जाना निर्धारित किया. 2 अक्टूबर के बाद शौचालय बाँधने वाले परिवार को यह राशि दी जाएगी.

इससे पूर्व व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए निर्मल भारत अभियान अंतर्गत 4,600 तथा महात्मा गांधी रोज़गार हमी योजना में 5,400 कुल 10 हजार रु. प्रोत्साहन अनुदान दिया जाता था. मनरेगा के कार्यों में अनेक बाधायें आ रही थी. इसलिए उसे बंद कर उपरोक्त योजना की राशि बढ़ा केन्द्रीय निधि अंतर्गत राशि दी जाएगी. इसके अन्य मापदंडों में घनकचरा-मल-जल व्यवस्थापन, सार्वजानिक शौचालय निर्माण घटकों में कोई फेरबदल नहीं की गई है.

स्कूल, आंगनवाड़ी शौचालयों की जिम्मेदारी!
सरकार के परिपत्रक द्वारा स्कूलों में स्वच्छतागृह निर्माण की जवाबदारी शालेय शिक्षण व साक्षरता विभाग के पास तथा आँगनवाड़ी में स्वच्छतागृह बनाने की जवाबदारी महिला व बाल कल्याण विभाग के सुपुर्द किया गया है. इंदिरा आवास योजना अंतर्गत बांधे गए क्रियाशील स्वच्छता गृह स्वतंत्र रूप से बज़ट अनुरूप प्रावधान किया जाएगा. यह सम्बन्धित विभागों को सूचित किया जा चुका है.

Sangita aawhaad
ज़िप ने किया संगीता का सत्कार

मंगलसूत्र बेचकर घर में शौचालय को प्राथमिकता देकर स्वच्छता की अलख जगाने वाली वाशिम ज़िले के सायखेड़ा निवासी संगीता आव्हाड़ का ज़िप अध्यक्ष कु. सोनाली जोगदंड के हाथों सम्मानित किया गया. उन्हें 4600 का धनादेश दिया गया. इससे पूर्व ग्रामविकास मंत्री पंकजा मुंडे ने उन्हें मुंबई में सम्मानित किया था. अवसर पर सभापति ज्योति गणेशपुरे, पानूबाई जाधव, संजय इंगले, विनोद जोगदंड, भास्कर पाटिल, वेले, माणिक आव्हाळे, राजू सरतापे, राम श्रृंगारे, शंकर आम्बेकर, पद्मने, रवि पडघान, संदीप ठोबरे, अभय तायडे, अभिजीत गावंडे, वी.पी. वानखेड़े, नारायण आव्हाळे उपस्थित थे.