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    Published On : Thu, Aug 3rd, 2017
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    भ्रष्टाचार के आरोप पर फडणवीस सरकार ने अफसर को किया बर्खास्त

    IAS officer Radheshyam Mopalwar
    मुंबई:
    महाराष्ट्र के एक सीनियर ब्यूरोक्रैट राधेश्याम मोपलवार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप के बाद सीएम फडणवीस ने उन्हें बर्खास्त कर दिया है। समृद्धि महामार्ग परियोजना के मुख्य अधिकारी और महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) के उपाध्यक्ष राधेश्याम मोपलवार की एक दलाल के साथ हो रही बातचीत की सीडी सामने आने के बाद राज्य की बीजेपी सरकार पर शिवसेना समेत विपक्षी पार्टियों ने सवाल खड़े किए थे।

    इस सीडी में करोड़ों रुपये का भूखंड एक बिल्डर को देने के लिए सौदेबाजी की रिकॉर्डिंग है। भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर बुधवार को विधानसभा और विधानपरिषद में विपक्ष ने फ सरकार को जमकर घेरा था। सीएम ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और जांच की रिपोर्ट एक महीने में आ जाएगी।

    पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान ने टेप लीक होने के बाद कार्रवाई की मांग करते हुए कहा था, यह क्लिप टीवी चैनलों पर मंगलवार से दिखाई जा रही है जिसमें मंत्रालय को 1 करोड़ रुपये देने की बात कही जा रही है। मुख्यमंत्री फडणवीस को संबंधित अधिकारी को बुलाना चाहिए और स्पष्टीकरण मांगना चाहिए। मंत्रालय में किसे इतने रुपये दिए जाने की बात कही जा रही है? चपरासी या ड्राइवर? यह सरकार की छवि का सवाल है।

    इसके जवाब में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, ये आरोप आपके कार्यकाल के हैं, तब आप क्या सो रहे थे? मौजूदा सरकार पारदर्शी तरीके से काम कर रही है। जिस चैनल ने सीडी चलाई वह खुद कह रहा है कि उसने इसकी जांच नहीं की है, इसलिए फॉरेंसिक जांच के जरिए आवाज और सीडी सही होने की पुष्टि करनी जरूरी है। इस मामले में एक महीने के भीतर जांच पूरी की जाएगी और सरकार किसी दोषी को नहीं बख्शेगी।

    सौदेबाजी की बातचीत के कुछ अंश-

    मोपलावरः जाल मेहता नाम कहा ना तुमने
    बिचौलियाः हां, जाल मेहता
    मोपलवारः उनको बोलिए, हम उनको 15 हजार वर्गफिट का प्लाट दे रहे हैं
    बिचौलियाः कहां पर
    मोपलवारः अरे बोरिवली में…उसको मंत्रालय में कुछ देना पड़ेगा… 1 करोड़ रुपये मेरे लिए
    बिचौलियाः अच्छा
    मोपलवारः उसको हम जो प्लाट देंगे, उससे 50 फ्लैट बेच पाएगा। मंत्रालय में 1-2 (फ्लैट) दिया तो यह जमीन मिल जाएगी।
    बिचौलियाः मतलब मंत्रालय को पकड़ कर कुल खर्च 4 करोड़ है।
    मोपलवारः एक दो जो पकड़ कर क्या होगा…मैं एक से कम नहीं लूंगा.. नहीं तो यह विषय छोड़ दो। यह मामला किसी फ्रेम में नहीं बैठता
    बिचौलियाः नियमों के खिलाफ है, इसलिए इतना करना ही पड़ेगा।
    मोपलवारः 1500 मीटर है, उसमें भी झोपड़पट्टी होने के कारण 2.5 एफएसआई मिलेगा। उसे कुल 50 हजार वर्ग फिट के फ्लैट बेचने के लिए मिल सकेंगे। 30-40 करोड़ खर्च भी पकड़ो तो 10 करोड़ का फायदा है।


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