Published On : Thu, Aug 3rd, 2017

एट्रोसिटी पीड़ितों को न्याय देन की मांग को लेकर संविधान चौक में धरना प्रदर्शन

demand for justice for atrocity victims at Sawidhan Square
नागपुर: 
अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार प्रतिबंधक कानून के अंतर्गत शहर के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में पीड़ितों की रिपोर्ट दर्ज है. बावजूद इसके किसी भी तरह की ठोस कार्रवाई पुलिस की ओर से नहीं की गई है. जिसको लेकर प्रशासन और पुलिस के विरोध में संविधान चौक में धरना प्रदर्शन किया गया. इस दौरान राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य व बौद्ध धम्मगुरु भदन्त आर्य नागार्जुन सुरई ससाई की मौजूदगी में प्रदर्शन किया गया. इस दौरान एट्रोसिटी एक्ट पीड़ित महिलाएं भी मौजूद थीं.

प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने बताया कि महारष्ट्र में पिछले डेढ़ वर्ष में दलित आदिवासियों के 88 खून, 477 दुष्कर्म, 690 विनयभंग, 203 गंभीर मारपीट के मामले, 20 घर जलाने की घटनाएं हुई हैं. कुल मिलाकर अब तक 3200 एट्रोसिटी के मामले पुलिस स्टेशन में दर्ज हैं. अत्याचार बढ़ने की बात भी प्रदर्शनकारियों ने बताई. नागपुर में भी ऐसे मामले हुए हैं. इन मामलों में पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय देने की मांग भी इस दौरान की गई है.

इस प्रदर्शन में रवि शेंडे, नारायण बागड़े, एडवोकेट सुरेश घाटे, नितीन फूलमाली , सुखदेव मेश्राम समेत अन्य कार्यकर्ताओं का समावेश रहा.