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    Published On : Tue, Jan 15th, 2019

    पति नागपुर में पत्नी अमेरिका में नागपुर फैमली कोर्ट में व्हाट्स एप कॉल के माध्यम से हुआ तलाक

    नागपुर: नागपुर जिला सत्र न्यायालय के फैमली कोर्ट नंबर 3 में सोमवार को विडिओ कॉल के माध्यम से तलाक की प्रक्रिया संपन्न हुई। तलाक की अर्जी अमेरिका में रह रहे एक दंपत्ति ने अदालत में की थी। कार्रवाई के दौरान पति नागपुर में अदालत में मौजूद था जबकि पत्नी अमेरिका से विडिओ कॉल के माध्यम से जुडी थी। अदालत ने म्युचुअल (आपसी समझौते) के तहत तलाक की अर्जी को मंजूर किया। नागपुर के त्रिमूर्ति नगर में रहने वाले लडके की हैदराबाद की लड़की के साथ वर्ष 2013 में विवाह हुआ था। शादी के बाद लड़का-लड़की को साथ लेकर अमेरिका की मिशिगन सिटी में रहने लगा।

    लेकिन शादी को कुछ समय बीतने के बाद दोनों के रिश्ते में कड़वाहट आ गई। आये दिन दोनों के झड़गे होते थे। इस बात से तंग आकर लडके ने जनवरी 2018 में जिला सत्र न्यायालय की फैमली कोर्ट में अर्जी दी थी। जिसके बाद वह अमेरिका वापस लौट गया। इस बीच दोनों के घरवालों ने उन्हें आपसी सहमति के लिए राजी किया।

    इस दौरान जनवरी 2019 को लड़का वापस नागपुर आया और उसने आपसी समझौते के साथ तलाक की अर्जी अदलात में दी। चूँकि लड़की भारत में नहीं थी इसलिए उसे व्हाट्स एप पर विडिओ कॉल के माध्यम से कार्रवाई में जोड़ा गया। जज द्वारा से की गई पूछताछ में लड़की ने अदालत से आपसी समझौते के तहत तलाक दिए जाने की गुजारिश की। जज श्रीमती एस एच चव्हाण ने पति-पत्नी की अर्जी को मंजूर करते हुए तलाक को मान्य कर दिया। लड़की की तरफ से पवार ऑफ़ अटॉर्नी के माध्यम से उसका भाई हाजिर हुआ। उसने बहन की तरफ से एफिडेविट जमा कराया।

    इस मामले में पति ने पहले तलाक के लिए सामान्य याचिका दाखिल की थी। ऐसे याचिका पर याचिकाकर्ता की तरफ से अन्य पर किसी तरह के आरोप लगाए जाते है। पति द्वारा दर्ज कराई गई इस याचिका में पत्नी पर झगड़ा करने का आरोप लगाया गया था।

    तलाक लेने के लिए आपसी सहमति के समझौते का भी विकल्प है। पति के वकील समीर सोनवणे ने उसे ऐसा करने की सलाह दी। जिसे उसने माना और बिना किसी विवाद के म्यूचल अर्जी के माध्यम से तलाक हासिल किया। पति की तरफ से समीर सोनवणे जबकि पत्नी की तरफ से एडवोकेट स्मिता सरोदे सिंगलकर ने पैरवी की।

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