Published On : Mon, Apr 23rd, 2018

“धर्म – जात – सत्ता” के नाम पर हो रहे

rally against rape

नागपुर: देश में धर्म – जात – सत्ता के नाम पर आये दिन बलात्कार की घटनाओ के खिलाफ आज रविवार दिनांक २२ अप्रैल को श्रमिक एवं सामाजिक संघटनो का व्यापक संयुक्त मोर्चा निकाला गया! यह मोर्चा झाँसी रानी चौक से निकला एवं व्हेरायटी चौक होते हुए सुभाष पुतला मानस चौक तक गया. मोर्चे में बड़े संख्या में मजदूर, फेरीवाले, महिलाएं तथा नौजवानों का समावेश था ! “ धर्म – जात – सत्ता “ के नाम पर देश की बेटियों के साथ बलात्कार करना बंद करो – बंद करो – बंद करो “, “ मा बेटियों का सम्मान करना होगा, करना होगा – करना होगा “, “ ये पुरुषों हैवान नहीं, इंसान बनो – इंसान बनो “, “ एक इंसानी समाज के निर्माण के लिए सब मिलकर आगे बड़ो, आगे बड़ो- आगे बड़ो”, “ बलात्कारियों को सजा देने हेतु जल्द गति के कोर्ट का निर्माण करो – निर्माण करो “ , “ बलात्कारियों का साथ देने वालों पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए – होनी चाहिए “, “ माँ – बेटियों की सुरक्षा करनी होगी – करनी होगी “, “ ये पुरुषो दरिन्दे नहीं , इंसान बनो – इंसान बनो”, “योगी – मोदी शर्म करो माँ बेटियों पर अत्याचार नहीं चलेगा, नही चलेगा – नहीं चलेगा ”आदि नारों से आज बर्डी की सड़के गूंज उठी.

मोर्चे में नागपुर जिला पथ विक्रेता (हॉकर्स) संघ, केंट वूड कम्युनिटी चर्च, नागपुर महानगर पालिका ऐवजदार कामगार संघटना, नागपुर महानगर पालिका ठेका कामगार संघटना, नागपुर म्युनिसिपल कारपोरेशन एम्प्लाइज यूनियन, आम आदमी पार्टी, जो शहर चलते हैं – वो ही शहर बनाते हैं : नागरिक अभियान, महाराष्ट्र सुरक्षा रक्षक कामगार संघटना, इंडियन सोशल एक्शन फोरम, आदि श्रमिक एवं सामाजिक संघटनो ने हिस्सा लिया.

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मोर्चे को संबोधित करते हुए कामगार नेता एवं आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता भाई जम्मू आनंद ने कहा की कठुआ, उन्नाव और सूरत की घटनाए ये सिद्ध करती है की धर्म, जात और सत्ता के नशे में चूर लोग अब किसी भी हद को पार करने के लिए तैयार है यंहा ता की मासूम बच्चों को अपने हवस का शिकार बना रहे है. भाई आनंद ने आगे कहा की हमारे समाज में बलात्कार की घटनाएँ पहली बार नहीं हो रहे हैं लेकिन अब बलात्कार की घटनायों के पीछे सोची समझी संघठित गिरोह राजकीय रूप से सबक सिखाने के इरादे से हो रही है और जिन्हें राजाश्रय प्राप्त है जो की एक चिंता की बात है. अब बलात्कारियों के समर्थन में मोर्चे निकाले जा रहे हैं यंहा तक की बलातकारियों के समर्थन में भीड़ न्यायालयों में भी घुसे जा रहे है ओर न्याय व्यवस्था को भी चुनोती दी जा रही है.

बलात्कार जैसे जघन्य घटनाओं पर न देश के प्रधान मंत्री मा. नरेंद्र मोदी की ख़ामोशी शर्म की बात है. एक ओर बलात्कार की घटनाओ से देश आक्रोशित है वंही अध्यात्म का चोला पहिने उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री मा. योगी बलात्कारी चिन्मयानंद सरस्वती के खिलाफ चल रहे बलात्कार के मुक़दमे वापिस लेने की शिफारिस शाह्जानपुर जिल्ला प्रशासन को भेजा जिसकी जितनी भी घोर शब्दों में निंदा की जाय उतनी ही कम है.

आज के मोर्चे में प्रमुख रूप से कृष्णा गोतमारे, शिरीष फुलझले, कविता धीर, संगीता महाजन, श्याम सुंदर बुटोलिया, कल्पना बनाटी, किरण ठाकरे, रमेश गवई, विषेश कराडे, पास्टर अनूप साल्वे, पास्टर अमित शेंडे, अजय थूल, आनंद चान्दरानी, प्रल्हाद दामनी, नदीम खान, आर. पी. पण्डे, धर्मपाल मेश्राम, निशा ठाकरे, सेमसन बोबडे, दीपक टेम्बुरने, अरविन्द डोंगरे, रविकांत वाघ, अनिल शर्मा, अमिताब दाराल आदि साथियों ने मोर्चे को सफल बनाने हेतु अथक प्रयास किया.

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