Published On : Mon, Feb 22nd, 2021

LDO के बजाय DIESEL से चल रहा HOTMIX PLANT

– मनपा खजाने में ३८ साल से खुलेआम डाका पड़ रहा बावजूद इसके PWD-HOTMIX विभाग पूछता हैं सवालकर्ता से कि क्या होता हैं LDO

नागपुर : एक तरफ मनपायुक्त राधाकृष्णन बी पैसे के आभाव में विकासकार्य को सिरे से रोक रखे हैं तो दूसरी तरफ HOTMIX PLANT के संचलन के लिए ईंधन के नाम पर महँगी DIESEL का उपयोग किया जा रहा जबकि इसे LIGHT DIESEL OIL (LDO) से चलाया जा सकता हैं.दोनों के वर्तमान दर में आधा-आधी का फर्क हैं.क्या आयुक्त इस मामले को गंभीरता से लेंगे।

मनपा HOTMIX PLANT लगभग 38 वर्ष पूर्व अंबाझरी तालाब के किनारे पर खड़ी की गई थी.यह प्लांट 20 ट्रक/टिप्पर माल तैयार करने की क्षमता रखती हैं.यह प्लांट साल में 2-ढाई माह अर्थात बरसात के मौसम में बंद रहता हैं या फिर जब सामग्री की कमी होती हैं तब.बुधवार या जिस दिन सरकारी बिजली नहीं रहती उस दिन GENERATOR से प्लांट का संचलन होता हैं,इसके लिए भी ईंधन के रूप में DIESEL का उपयोग किया जाता हैं.


पिछले 38 वर्षों से हॉटमिक्स प्लांट के संचलन में लगभग 41 लाख लीटर और GENERATOR के लिए अबतक लगभग 7 लाख लीटर डीजल का उपयोग किया जा चूका हैं.38 वर्ष पहले भी LIGHT DIESEL OIL (LDO) से हॉटमिक्स प्लांट का संचलन होता था.तब और आज भी उसका दर DIESEL से आधा हुआ करता था.अर्थात इतनी सूझबूझ और पारदर्शी प्रशासन का दावा करने वाली मनपा में सिर्फ एक प्लांट के संचलन में करोड़ों का चुना लगा चुकी और आज भी जारी हैं.

इस सन्दर्भ में मनपा के बड़े नामचीन ठेकेदार कंपनी के संचालकों जिनके पास HOTMIX PLANT हैं उनसे चर्चा करने पर उन्होंने भी बताया कि वे सभी शुरुआत से ही ईंधन बचत का ध्यान में रख डीज़ल का पर्यायी और आधा खर्च से काम निकालने हेतु LIGHT DIESEL OIL (LDO) का उपयोग कर रहे,क्यूंकि खर्च उनके जेब पर असर करती हैं.अर्थात मनपा खजाने को चुना लगाने से तब से अब तक किसी अधिकारी को व्यक्तिगत नुकसान नहीं हुआ इसलिए LIGHT DIESEL OIL (LDO) को दरकिनार कर दोगुणी महँगी DIESEL का उपयोग कर पिछले 38 वर्षों से मनपा को चुना लगाने का सिलसिला जारी हैं.

LIGHT DIESEL OIL (LDO) सम्बन्धी PWD और HOTMIX विभाग से जानकारी मांगने पर EE PWD से लेकर नीचे तक के सभी अधिकारियों ने खुद को इस मामले से अनजान बताया।

मनपा हॉटमिक्स विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार औसतन 400 लीटर DIESEL रोजाना की खपत हैं,इसके अलावा साप्ताहिक या फिर जिस दिन बिजली नहीं रही,उस दिन 50 लीटर डीजल जनरेटर के उपयोग के लिए खपत होती हैं.
क्या मनपायुक्त उक्त मामले पर गंभीरता दिखाएंगे,जो जब से मनपा में आए हैं तब से निधि आभाव में विकासकार्य रोक रखे हैं.या फिर सीमेंट सड़क फेज-2 टेंडर सह भुगतान घोटाले पर ठोस कार्रवाई की बजाय इस मामले पर भी चुप्पी साध लेंगे।
LIGHT DIESEL OIL (LDO) के लिए पहल हुई थी

कांग्रेस के पूर्व सत्तापक्ष नेता संदीप सहारे के पोलखोल अभियान के तहत वर्कशॉप विभाग का पोल खोली तो आमसभा में तत्कालीन महापौर ने वर्कशॉप विभाग के कार्यकारी अभियंता सह 6 अधिकारी-कर्मी को निलंबित कर दिया था,जो बाद में अपने अपने तरीके से पुनः सेवारत हो गए कुछ आज भी वर्कशॉप में ही कुंडली मार बैठे हैं.

जब उक्त 6 निलंबित हुए थे तब HOTMIX PLANT चलाने के लिए LIGHT DIESEL OIL (LDO) के उपयोग का प्रस्ताव तैयार किया गया था,जिसे तब के अतिरिक्त आयुक्त रिजवान सिद्दीकी ने निरस्त कर दिया था ,तब से मामला आजतक आधार में हैं.अब यह मामला आयुक्त के पाले में हैं,देखना यह हैं कि वे उक्त मामले पर क्या गुल खिलाते हैं.

ईंधन बचाव के लिए खुद का हो पंप
कुछ जागरूक नागरिकों ने मनपायुक्त,अतिरिक्त आयुक्तों को मनपा से सम्बंधित ईंधन की खपत के लिए पूर्व की तरह खुद का पेट्रोल/डीजल पंप लगाने का सुझाव दिया था.इससे मनपा को डीलर मार्जिन बच जाता और इसे एनएमसी से जुड़े ठेकेदारों के लिए भी अनिवार्य किये जाने से पंप की महत्ता बढ़ जाती।इससे कुछ को रोजगार भी मिल जाता।इससे अबतक चली आ रही एक मात्र पेट्रोल पंप की मोनोपोली भी समाप्त हो जाएगी,क्यूंकि वे जब चाहे ईंधन देना बंद कर देते हैं,कोरोना के काल में भी वे ऐसा कर चुके हैं.