Published On : Mon, Feb 22nd, 2021

सर्व सम्मति से वेकोलि में चल रहा कोयले की कालाबाज़ारी

– पकड़े जाने बाद भी नहीं होती सख्त कार्रवाई

नार्थ वणी – वेकोलि के लिए कोयला की ढुलाई में लगी श्रीरानी सती कैरियर के नया मामला करीबन 1000 टन कोयला गायब होने का मामला सामने आया हैं। पिछले डेढ़ माह में लगभग 1000 टन कोयला गायब किया गया। वेकोलि के कोलार पिम्परी खदान से जितना कोयला रेलवे साइडिंग पर पहुंचना चाहिए था उसमें 1000 टन कोयला SORTAGE दिखने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया हैं।दिनोंदिन सामने आ रही उक्त प्रकार के ग़ैरकृत सकारात्मक पहल करने वाले नए CMD MANOJ KUMAR के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रही.जिन्हें बड़ी मशक्कत बाद केंद्रीय मंत्री NITIN GADKARI ने नागपुर का CMD बनाया।

सूत्रों ने बताया कि उक्त खदान के CHP क्रमांक 1 और 2 से पीपलगांव CHP तक कोयला परिवहन और पिम्पल गांव से क्रश किया हुआ 3000 टन प्रतिदिन 2 माह तक कोयला वणी रेलवे साइडिंग पर पहुंचाने का टेंडर श्रीरानी सती कैरियर्स को दिसंबर में दिया गया था। 2 करोड़ 7 लाख रुपये एक तह काम 5 जनवरी से शुरू हुआ। 1 फरवरी तक 642 टन कोयला साइडिंग में SORTAGE आया जो 16 फरवरी तक बढ़कर 968 टन हो गया। 16 फरवरी तक कोलार पिम्परी से पिम्पलगांव 36960 टन कोयला पिम्पल गांव गया लेकिन पिम्पल गांव से रेलवे साइडिंग 35991 टन कोयला ही पहुंचा।हालांकि 968 टन कोयला पिम्पल गांव में रहना चाहिए था लेकिन वहां 5 से 10 टन कोयला ही stock हैं। वेकोलि प्रबंधन को भी इस SORTAGE की भनक लग गई। प्रबंधन सकते में आ गया।

कोलार पिम्परी से पिम्पलगांव जो गाड़ियां कोयला लेकर जाती हैं वे पिम्पलगांव में थोड़ा बहुत खाली कर बाकी माल वणी कोयला बाजार में लाकर खाली करती हैं। चेक पोस्ट पर तैनात कर्मी की मदद से यह खेल वर्षो से जारी है। 9 फरवरी की रात ट्रक क्रमांक MH 34-BG 9806 को पिम्पलगांव चेक पोस्ट पर सुरक्षा रक्षक ने चेक किया तो उसमें आधे से ज़्यादा कोयला भरा हुआ था। खान प्रबंधक को खबर करने पर प्रबंधक ने उस गाड़ी को रोक रखा है। अबतक प्रबंधन द्वारा न FIR दर्ज करवाया गया और न ही गाड़ी को BLACKLIST की गई।

उल्लेखनीय यह हैं कि समय रहते खदानों में जारी गोरखधंधे बंद नहीं हुए तो न गडकरी और न ही नए CMD का मकसद पूरा हो सकेगा।याद रहे कि गडकरी के हमखास WCL के मकड़जाल में ऐसे फंसे हुए हैं कि आज सड़क पर आ गए,ऐसा कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होंगी।