Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
    | | Contact: 8407908145 |
    Published On : Thu, Oct 29th, 2020
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    देशभर के 36 आचार्यों की उपस्थिती में गुरुमंत्र महोत्सव शनिवार को

    नागपुर : समाज की नई पीढ़ी को संस्कारमय बनाने, विद्यार्थी जीवन की सफलता, परीक्षा में अच्छे नंबर कैसे लाए, व्यापार अच्छा कैसा हो व उज्ज्वल भविष्य के लिए देशभर के 36 आचार्य, 36 मुनिराज, 36 गणिनी आर्यिका, 36 आर्यिका माताजी का के विशेष आशीर्वाद व निर्देशन में 111 प्रतिष्ठाचार्यों की उपस्थिति में शनिवार 31 अक्टुंबर को गुरुमंत्र महोत्सव का आयोजन किया है यह जानकारी ऑनलाइन संवाददाता संमेलन में सारस्वताचार्य श्री देवनंदी जी गुरुदेव, दिगंबर जैनाचार्य श्री गुप्तिनंदी जी गुरुदेव, राष्ट्रसंत युवाचार्य श्री गुणधरनंदी जी गुरुदेव ने दी.

    आचार्य त्रयों ने संवाददाता संमेलन में बताया इस महोसव के आयोजन कर्ता नवग्रह तीर्थ वरुर, णमोकार तीर्थ नाशिक, धर्मतीर्थ क्षेत्र कचनेर हैं. युवा युवतियों पर सभी आचार्य मंत्र संस्कार करेंगे. सुबह 7 बजे से अतिशयकारी प्रतिमा पर महामस्तकाभिषेक होगा. दोपहर 2 बजे से सकलीकरण, सरस्वती विधान, सरस्वती मंत्र, शाम 6 बजे से सरस्वती आराधना होगी. पारस और जिनवाणी चैनल, यूट्यूब पर सीधा प्रसारण होगा. 5000 बच्चों का पंजीयन हो चुका हैं. इन बच्चों को माता पिता आशिर्वाद देंगे और माता पिता का सम्मान भी होगा. आचार्यो ने बताया सभी बच्चे स्वस्थ रहे, सुखी रहे यही हमारी भावना हैं. भारतीय चक्र के काल चक्र में समय समय पर स्थिती बदलती रहती हैं.

    आज युवा पीढ़ी व्यसनों की ओर जा रही हैं. अच्छा बालक कल का पालक हैं, युवाओं को सन्मार्ग पर लगाना हैं. बच्चों के संस्कार के साथ ज्ञानी और टेलेंटेट कैसे बने इसके लिए प्रयास किया जा रहा हैं. संस्कार से संस्कृति बसती हैं और संस्कृति से देश बनता हैं. भारतीय संस्कृति वृद्धिंगत होना चाहिए. राम, महावीर, कृष्ण की संस्कृति कही से नही, बचपन में उनके गुरुकुल से आई हैं. मनुष्य के संस्कृति से देश का रक्षण हो सकता हैं. धारावाहिक, फिल्मों से देश का विनाश हो रहा हैं. व्यसनमुक्त देश का शंखनाद हैं. बच्चों के अंदर देश भक्ति के संस्कार जागे. माँ शारदा ज्ञान की गंगोत्री हैं. शारदा प्रसन्न होकर बुद्धि बढ़ाती हैं. शरद पूर्णिमा पर सरस्वती धरती पर भ्रमण करती है.

    इस आयोजन में महमनाचार्य कुशाग्रनंदी जी, आचार्यश्री विरागसागर जी, आचार्यश्री गुणभद्रनंदी जी, आचार्यश्री पदमनंदी जी, आचार्यश्री सिद्धांतसागर जी, आचार्यश्री चैत्यसागर जी, आचार्यश्री सूर्यसागर जी, आचार्यश्री सुविधिसागर जी, आचार्यश्री विशुद्धसागर जी, आचार्यश्री सौभाग्यसागर जी, आचार्यश्री वैराग्यनंदी जी, आचार्यश्री विद्यानंदी जी, आचार्यश्री जिनसेन जी, आचार्यश्री प्रसन्नऋषि जी, आचार्यश्री श्रेयसागर जी, आचार्यश्री विमदसागर जी, जैन धर्म सर्वोच्च गणिनी आर्यिका ज्ञानमति माताजी, गणिनी आर्यिका सौभाग्यमती माताजी, गणिनी आर्यिका क्षमाश्री माताजी, गणिनी आर्यिका विशाश्री माताजी, गणिनी आर्यिका सुयोगमती माताजी, गणिनी विज्ञाश्री माताजी, आर्यिका आस्थाश्री माताजी का बच्चों को आशीर्वाद प्राप्त होगा. संवाददाता संमेलन में नरेश पाटनी, नितिन नखाते उपस्थित थे. अधिक जानकारी के लिए नितिन नखाते से संपर्क किया जा सकता हैं.


    Stay Updated : Download Our App
    Mo. 8407908145