Published On : Sat, Dec 2nd, 2017

नोटबंदी से चीन को हुआ फायदा, देश को डेढ़ लाख करोड़ का नुकसान


नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने केंद्र की भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला है। शनिवार को सूरत में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मनमोहन ने कहा कि ‘नोटबंदी से चीन को फायदा हुआ है क्योंकि 2016-17 की पहली छमाही में वहां से आयात में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नोटबंदी के बाद लागू किए गए जीएसटी जैसे कदम से व्यापारी वर्ग की कमर टूट गई है और इससे ‘टैक्स टेररिज्म’ का दौर शुरू हो गया है।

सिंह ने कहा कि वे कालेधन के खिलाफ प्रतिबद्धता जताने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सलाम करते हैं लेकिन नोटबंदी का इस्तेमाल कालेधन को सफेद करने के लिए किया गया है। इससे न तो कालेधन पर लगाम लगी है और न ही जाली करंसी के कारोबार पर। अगर इससे किसी का फायदा हुआ है तो वह है चीन। नोटबंदी और जीएसटी के कारण अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी हुई है, जिसकी वजह से उसे डेढ़ लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

पूर्व पीएम ने दावा किया कि कांग्रेस हमेशा से ही किसानों की हितैषी रही है। उन्होंने याद दिलाया कि किसानों को फायदा पहुंचाने वाले सरदार सरोवर बांध की आधारशिला देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने ही रखी थी।

पंडित नेहरू और सरदार पटेल के खिलाफ अनाप-शनाप बोलते हैं
सरकारी परियोजनाओं से प्रभावित और विस्थापित होने वाले किसानों के लिए समावेशी विकास की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ग की चिंता किए बगैर देश का विकास संभव नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह से मोदी जी देश के दो बड़े नेताओं पंडित नेहरू और सरदार पटेल के खिलाफ अनाप-शनाप बोलते हैं उससे कुछ मिलने वाला नहीं है।

सिंह ने कहा कि 8 नंवबर भारतीय अर्थव्यवस्था और प्रजातंत्र में काला दिन के रूप में याद किया जाएगा। देश कभी नहीं भूल सकेगा कि नोटबंदी के दौरान लाइन में लगने से करीब सौ से अधिक लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का नोटबंदी पर वार करने के बाद केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि नोटबंदी मामले में मनमोहन सिंह असहाय नजर आ रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि सिर्फ एक परिवार के प्रति निष्ठा दिखाने के लिए मनमोहन सिंह गलत प्रचार प्रसार कर रहे हैं। धरमेंद्र प्रधान ने आगे कहा कि जीडीपी के आंकड़ें आ चुके हैं और वो आंकड़ें उनके सारे सवालों का जबाव देने के लिए काफी हैं।