Published On : Fri, Feb 6th, 2015

कोराडी : पालकमंत्री ने खापा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मारा छापा


भारी अनियमितता, स्वास्थ्य कर्मीयों की अनुपस्थिति

दवाइयों में गडबडी

gaurdian Minister bawankule
कोराडी (नागपुर)
। पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने गुरूवार रात 9.15 मिनिट पर खापा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का आकस्मिक दौरा किया. इस दौरान कर्मचारियों की अनुपस्थिति, परिसर में शराब की बोतले पाई जाने पर पालकमंत्री ने भारी असंतोष व्यक्त किया एवं स्वास्थ्य मंत्री से संपर्क कर ब्यौरा दिया. इस कार्रवाई के तहत स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत डा. प्रशांत सहारे, डा. बाबा मेंढुले को बर्खास्त कर दिया गया है. इस कार्रवाई से जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और अन्य शासकीय कर्मचारियों में हड़कम्प मच गया है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार रात 9 बजे के करीब पालकमंत्री के सहायक विकास धारपुरे के पिता मनोहर धारपुरे (52) की अचानक मृत्यु हो जाने पर पालकमंत्री अचानक खापा के स्वास्थ केंद्र गए. मृतक मनोहर धारपुड़े के पुत्र विकास धारपुरे ने बताया कि पिता की तबियत अचानक बिघडने पर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खापा में ले जाया गया. जहां केवल नर्स संध्या बागडे उपस्थित थी. जिसने बोलना भी उचित नहीं समझा एवं कहा कि सावनेर जाओं. सावनेर ले जाने पर मनोहर धारपुरे को मृत घोषित कर दिया गया.

पाई गई भारी अनियमितता
पालकमंत्री ने देखा की जे.एम. रेवतकर हजेरी पट पर उपस्थित है लेकिन स्वास्थ्य केंद्र पर उपस्थित नही है. व्ही. एस. गायकवाड़, व्ही. एस. कापसे भी नागपुर चले गए है. गिरडे ने छुट्टी की अर्जी न देते हुए 8-10 दिनों से अनुपस्थित है. व्ही.ही. गोवर्ड़े, आर.एम. महाजन, सी.के. बंसोड़ के हजेरी रजिस्टर पर हस्ताक्षर नहीं है. डा. सहारे का कोई हजेरी रजिस्टर ही नही है. उनके अगस्त से फरवरी तक हस्ताक्षर नही है. यह भी जानकारी मिली की रंजू दिनेश धुर्वे की रात 1:00 बजे डिलिवरी अटेंडेंट सारिका परमार ने की. वहीं दवाईयां उपलब्ध नही है.

फार्मसी स्पेअर रूम में चेक करने पर पाया गया कि रजिस्टर में दवाईयों की तारीख अनुसार दर्ज नहीं है. रुग्णवाहिका के कांच फूटे है और बिघडी हुई है. चंद्रशेखर बावनकुले ने जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. योगेन्द्र सवाई से मिलकर अनियमितता का जायजा लिया. उन्होंने फार्मेसी रजिस्टर बरामद किया. वैद्यकीय रजिस्टर भी बरामद किया. कर्मचारी मुख्यालय में नहीं रहते. ऐसा डा. सहारे, संध्या बागडे, एस.पी. परमोरे के बयान पर पता चला.

पालकमंत्री के निर्देश
जुलाई माह से अनियमितता की जांच की जाए. मुख्यालय में ना रहने से मरीजों की जान जाती है. मुख्यालय में रहना अनिवार्य किया जाए. जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला स्वास्थ्य उपसंचालक माह में एक बार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा करें. रात 11 बजे मृतक मनोहर धारपुरे को स्वास्थ्य सेवाएं दी जाती तो उनकी जान बचाई जा सकती थी.

पालकमंत्री ने कहा कि इसके बाद नागपुर जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य राज्य शासन कार्यालय का आकस्मित दौरा किया जाएगा. अनियमितता से कामों में रूकावट डालनेवाले कर्मियों को दंडित किया जायेगा. अधिकतर कर्मी चाय, ठेलों पर अपना समय बिताते है.