Published On : Fri, Jan 9th, 2015

यवतमाल : राज्यपाल से मिला तेंंदूपत्ता तोड़ाई का अधिकार ग्रामसभा को

 

  • 340 आदिवासी गांवों के लोगों को लाभ
  • इस वर्ष व्यापारियों को नहीं मिलेगा तोड़ाई का टेंडर

Tendupatta
यवतमाल।
महाराष्ट्र के राज्यपाल द्वारा वनविभाग की खिंचाई करने के बाद वनविभाग ने तेंदूपत्ता तोड़ाई के अधिकार ग्रामसभा को दिए है. जिससे 2000 के ऊपर आदिवासी देहातों की तेंदूपत्ता तोड़ाई ग्रामसभा करेंगी. इस ऐतिहासिक निर्णय की प्रतिक्षा 16 वर्षों से थी. विदर्भ जनआंदोलन समिति के संयोजक किशोर तिवारी ने यह लंबी लड़ाई लड़ी थी.

तेंदूपत्ता मजदूर समिति ने यवतमाल के 340 देहातों की ग्रामसभा द्वारा तेंदूपत्ता तोड़ाई और बिक्री का प्रस्ताव ग्रामीण मंत्रालय को दिया था. अब कहीं जाकर उसे मंजूर किया गया है.

जिसमें केलापूर तहसील मोहदरी ,जोगीन कवला  , मीरा, जीरा, घोडदरा,सखी  बुद्रुक, वाढोणा  खुर्द,करंजी, वाढोणा,द्रुक, तिवसाला (वन गाव),कोठोडा,सुरदेवी, चनई , असोली, मोह्दा ,कारेगाव , चिखलदरा, कृष्णा पूर ,धाबा , मोरवा  ,खैरगाव,वाघोली,,कुसल ,चोपण ,मलकापूर (वन गाव), केगाव , वडनेर , झुली , भाड उमरी,पहापल  , नागेझरी  खुर्द, बहात्तर  , सुसरी  , पेंढरी  पिप्पलि ,डोंगरगाव , दोन्ही,  मालेगाव खुर्द, दर्यापूर  हिवरी  पिम्पल शेंडा ,  कारेगाव, वलवाट , खैरी,  घुबडी ,गनेरि ,भीमकुंड ,ठाणेगाव , कोन्घारा  ,साखरा बुद्रुक,  धारणा  मंगी, ढोकी ,वाई , मप्लापूर  , गणेशपूर , खैरगाव ,निलजाई ,मारेगाव , अंभोरा ,डोंगरगाव , पिंपरी,  खैरगाव , मुची,मानगुरडा, पंधार्वानी  बुद्रुक (वन गाव), कोंधी ,  वेडत ,  बग्गी   घनमोड , नांदगाव, गणेशपूर  तातपुर , झुन्जार्पूर   गोंड वाकडी ,  चालबर्डी ,  बेलोरी ताड उमरी ,  बोर गाव , अकोली बुद्रुक, महान डोली ,  साखरा , मराठ्वाक्डी ,  ढोकी ,बल्लारपूर,  टोक वांजरी   वांजरी  खैरगावबुद्रुक,  टेंभी ,  वासरी अंधारवादी,चाणका,  रूढा ,सुकली आणी मारेगाव और झरी तहसील के गोकूलधारा ,  शिवनाला ,बुरांडा ,पहापल  ,न्हालगाव ,खेकडवाई,घोडधरा ,नरसाला  ,धामणी  मद्नापूर ,  बोरी खुर्द, पिसगाव वडगाव,फिसकी  (वन गाव), भालेवाडी ,पाथरी   चिंचनाला ,  पांढरकवड़ा ,  खर्डा(वन गाव), पिमरड (वन गाव),फापरवडा  सालेभट्टी   (वन गाव), डोंगरगाव   मचिन्द्र  पानवीरा ,जलका ,पांढर देवी  ,अम्बोरा  (वनगाव),  चीन्चोनी बोटोनी , आवल गाव (वनगाव),  कान्हगाव , खैरगाव  सराटी बुरांडा ,  दुर्गड़ा , ) वघारा   मेंधणी , घनपूर ,  हट वंजारी ,खापरी उचत देवी (वनगाव),  मारेगाव (वन गाव),  खंडणी, म्हसडोडका, पालगाव ,  बोटोनी , गिर्जापूर (वनगाव),  पाचपोर , अम्बेझरी रोह्पाट  रायपूर,  संगनापूर ,हिवरा बारसा  रामपूर कटली बोरगाव पारडी शिबला बोरगाव  (वन गाव),  पेंढरी  अर्जुनी,  केगाव रा जनी  मजरा ,गंगापूर(वन गाव),  भोइकुण्ड   (वन गाव),वाढोणा  सुसरी ,  सुरला ,  गोदनी   निमणी दरारा ,  आसन  जाग्लोन , झमकोला , इसापूर , किलोना ,  उमरघाट  , वल्लासा   जुनोनी(वन गाव), लेन्चुरी ,  चीन्चघाट ,  अम्बेझरीखुर्द,  अम्बेझारी बुद्रुक , कारेगाव  खुर्द, निम्बादेवी टेंभी , कुंडी ,  मांडावी ,नोनी , पराम्बा ,  पोखणी  (वन गाव), पिवरर्डोल भराड , (वन गाव), चीकल्डोह  मुडग वान , भिमनाला ,  चातवान गावारा   माथार्जुन , महादापूर ,पांढर वाणी ,  देमाड देवी,मांडवा डोंगरगाव  (वन गाव)  दाभाडी , उमरी मुधाटी परसोडी , कलपा खिंडी ) मंगरूल खुर्द, मंगरूलबुद्रुक , गोपालपूर, रामपेठ  गणेशपूर) पवनार वन गाव),  कृष्णनानपूर (वन गाव),  खेकडी (वन गाव), शेकापूर   येवती चालबर्डी  जामणी  शिरोला अड्कोली ,खडकदोह, बिरसापेठ ,मुची , मारकी  बुद्रुक, मारकी  खुर्द, गणेशपूर ,पवनार (वन गाव), कृष्णानपूर (वन गाव),  खेकडी (वन गाव), शेकापूर) येवती तो रालेगाव तहसील के  लोहारा,  एकलारा , सोनार्डी  वातखेड  जलका ,वामा  पिंपरी दुर्गा, मांडावा, कलवण सोइत वरुड बुकाई झारगड, खडकी कली डोंगरगाव ,  तेजनी , लोणी,  भारटी गाव),  सराती, खैरगाव  कासार, वरध  भूल्गड  पिमप्लाशेंडा अतमुरडी ,सावरखेड ,चोंढी  वाधोडा , खेमकुंड उमरवीर आडणी  खातारा  मुन्झाला ,पलस कुंड विहीरगाव खैरगाव ,  देव धरी  सिंगल्दीप सोनुर्ली  शिन्दोला   झोटिंगधरा  सखी  खुर्द और घाटंजी तहसील के मांडवी  राजुरवाडी  कापशीगुढा  वरुड झापार्वाडी  उमरी पलोदि घोटी, बो दाडी   मुदाटी(वन गाव), मानुसधारी  आयता  काप कवठा बिलयत , खडकी, चिमटा  खुर्द, चिंचोली किन्ही  (वन गाव) गवरा (वनगाव),  टिटवी ,  मुरद्गवन  खरोनी (वनगाव), वाढोणा  डोरली  राहटी   रायसा वन गाव), झटाला  चीखलवर्धा,  ताड सावली, साईफल,  नागेझारी बुद्रुक,  कवठा(वन गाव),पारवा ,  मझदि   पारडी जांब,  कालेश्वर   शेरद   धुनकी  (वनगाव), माथनी वन गाव), राजेगाव आदि 340 गांवों का समावेश है.

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तेंदूपत्ता मजदूर समिति हर गाव में होंगी स्थापित

इन 340 आदिवासी गांवों में तेंदूपत्ता मजूर समिति स्थापित की जाएगी. ग्रामसभा बुलाकर तेंदूपत्ता मजदूरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा. ताकि हर गाव में अच्छे से तेंदूपत्ता तोड़ाई होकर और उसकी बिक्री कर उसके पैसे से गांव का विकास कर सके. ऐसा भी किशोर तिवारी ने कहा है.