आरटीई प्रवेश को लेकर सरकार पूरी तरह से गंभीर – विनोद तावड़े

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नागपुर – आरटीई ( शिक्षा का अधिकार ) के तहत विभिन्न मांगों को लेकर मॉरेस कॉलेज में शिक्षा मंत्री विनोद तावडे की अगुवाई में सुनवाई का आयोजन किया गया. इस दौरान आरटीई एक्शन कमेटी के पदाधिकारी भी मौजूद थे. पिछले कुछ दिनों से कई स्कूलों ने केजी-2 के बाद विद्यार्थियों का एडमिशन निरस्त कर दिया था और उन्हें फिर से रिएडमिशन के लिए कहा था. जिसके कारण कई बच्चे इस अधिकार से वंचित रह गए थे. इस पर अपना निर्णय देते हुए शिक्षामंत्री तावड़े ने कहा कि एंट्री लेवल से लेकर 8वीं क्लास तक ही प्रवेश मान्य होंगे. एक बार एडमिशन करने के बाद उन्हें फिर से प्रवेश की जरूरत नहीं होगी. इस संबंध में ड्रॉ के समय स्कूलों को पत्र देंगे. आरटीई ऐक्शन कमेटी द्वारा कई मांगों को इस दौरान तावड़े के सामने रखा गया.

कमेटी द्वारा पालकों की वार्षिक आय बढ़ाने की भी मांग की गई. एक लाख से बढ़ाकर 2.50 लाख करने की मांग की गई. आरटीई निधि को लेकर तावड़े ने कहा कि जिन स्कूलों ने दतावेज जमा नहीं करें हैं उन्हें आरटीई का पैसा नहीं मिलेगा. स्कूलों को प्रवेश के समय पालकों को प्रपत्र देना अनिवार्य है. लेकिन स्कूलों ने प्रपत्र नहीं दिया. जिस पर तावड़े ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्कूलों द्वारा प्रपत्र देना अनिवार्य किया जाए. एनआईसी द्वारा 3 किलोमीटर से अधिक दूरीवाले विद्यार्थियों को एडमिशन दिया गया और बाद में एडमिशन रद्द किया गया यह कहकर की स्कूल की दूरी घर से 3 किलोमीटर से ज्यादा है. यह सभी समस्या एनआईसी के टेक्निकल खराबी के कारण हुआ था. सील हॉ चुकी स्कूल का मामला भी इस दौरान कमेटी ने उठाया.

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इस बैठक में एडवाइजरी कमेटी का गठन का निर्णय लिया गया है. इस कमेटी में एक्टिविस्ट को भी शामिल किया जाएगा. तावड़े ने कहा कि आरटीई प्रवेश को सरकार पूरी तरह से गंभीर है. इस दौरान बैठक में आरटीई एक्शन कमेटी के चेयरमैन मो. शाहीद शरीफ, प्राइमरी के संचालक सुनील चव्हाण, जॉइंट डायरेक्टर टेमकर, अवर सचिव संतोष गायकवाड़, शिक्षणाधिकारी वंजारी, मनपा शिक्षणाधिकारी संध्या मेड़पल्लीवार, आरटीई समन्यवक प्रेमचंद राउत और भारत गोसावी मौजूद थे.

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